
नई साइबर चुनौतियों का समाधान तलाशने आईआईटी पहुंचे सेना अधिकारी
Kanpur News - साइबर सुरक्षा की चुनौतियों को समझने और समाधान जानने के लिए सेना के अधिकारी आईआईटी कानपुर पहुंचे। ब्रिगेडियर एमएस जामवाल ने सी3आई हब का दौरा किया, जहां साइबर अटैक से बचने के लिए तकनीकों और टूल्स पर काम किया जा रहा है। समझौते के माध्यम से कैंटोनमेंट क्षेत्र को साइबर सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
साइबर के क्षेत्र में बढ़ रही चुनौतियों को समझने और उससे जुड़े समाधान व बचाव को जानने सेना के अधिकारी आईआईटी कानपुर पहुंचे। उन्होंने संस्थान में बने सी3आई हब का दौरा किया और वैज्ञानिकों की टीम के साथ अनुसंधान व नवाचार की बारीकियों को समझा। कानपुर कैंटोनमेंट के कमांडर ब्रिगेडियर एमएस जामवाल ने हैकिंग व फ्रॉड में प्रयोग किए जा रहे तरीकों को समझने के बाद उससे बचाव की तकनीक को भी जाना। आईआईटी कानपुर पहले से ही सेना की बताई विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने में लगा है तो लगातार अधिकारियों को प्रशिक्षित कर साइबर अटैक से बचने के लिए विशेषज्ञ भी बना रहा है।
दुनिया में बढ़ती साइबर चुनौतियों को लेकर सेना को सुरक्षित करने के लिए अधिकारी लगातार आईआईटी कानपुर के संपर्क में हैं। आईआईटी कानपुर और सेना के विभिन्न कमांड के बीच कई समझौते भी हुए हैं। इसी को लेकर ब्रिगेडियर एमएस जामवाल अपने अन्य अधिकारियों के साथ आईआईटी के सी3आई हब पहुंचे, जहां साइबर सुरक्षा को लेकर कई तकनीक व टूल विकसित किए जा रहे हैं। क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे-रिफाइनरी, पावर प्लांट, ट्रीटमेंट प्लांट, पोर्ट, एयरपोर्ट) को साइबर अटैक से सुरक्षित रखने के लिए तकनीक पर काम कर रहे हैं। वर्तमान में सी3आई हब देश के पोर्ट (बंदरगाह) को साइबर सुरक्षा भी प्रदान कर रहा है। ब्रिगेडियर ने हब में बने एक हनीपॉट का भी निरीक्षण किया, जहां देश-विदेश से लगातार हो रहे साइबर अटैक के बारे में जानकारी ली। यह विशेष टूल है जो हैकर्स को आकर्षित करता है। इससे पता लगाना आसान होता है किस क्षेत्र से ज्यादा अटैक हो रहे हैं। ब्रिगेडियर एमएस जामवाल ने सी3आई हब के वैज्ञानिकों से जानकारी लेने के बाद कैंटोनमेंट और संस्थान के बीच एक समझौते को लेकर भी सहमति जताई, जिससे कैंटोनमेंट क्षेत्र को साइबर सुरक्षित किया जा सके।

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