
आतंकी कनेक्शन में शामिल बता रिटायर्ड मैनेजर से मांगे 5 लाख
Kanpur News - सजगता - सजग बुजुर्ग ने वीडियो कॉल काटकर पुलिस को दी सूचना - यूपीएफसी से
सजगता - सजग बुजुर्ग ने वीडियो कॉल काटकर पुलिस को दी सूचना - यूपीएफसी से वरिष्ठ वित्त प्रबंधक पद से 2004 में रिटायर हुए हैं कानपुर दक्षिण, संवाददाता। नौबस्ता के यशोदानगर निवासी रिटायर्ड वित्त प्रबंधक को आतंकी कनेक्शन में उनका नाम सामने आने की बात कह कर साइबर ठगों ने 5 लाख रुपये मांगे। ठग ने लखनऊ मुख्यालय का इंस्पेक्टर बनकर वीडियो कॉल कर कहा कि जम्मू आतंकी घटना में उनकी पत्नी के सिम का प्रयोग हुआ है। हालांकि सजग बुजुर्ग साइबर ठग की करतूत समझ गए और वीडियो कॉल काट दी। यशोदा नगर निवासी कृष्ण कुमार शुक्ला यूपीएफसी से वरिष्ठ वित्त प्रबंधक पद से 2004 में रिटायर हुए हैं।
उन्होंने बताया कि पहली बार गुरुवार को और दूसरी बार बुधवार को उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को लखनऊ मुख्यालय में तैनात इंस्पेक्टर रंजीत सिंह बताते हुए कहा कि आपकी पत्नी पुष्पा के नंबर से एक सिम कार्ड कश्मीर में आतंकियों के पास मिली है। जांच के बाद इस मामले में उनकी पत्नी की भी संलिप्तता पाई गई है। वीडियो कॉल भी की। हालांकि जैसे ही उसने फोन किया तो कृष्ण कुमार ने कैमरे पर उंगली रख ली। शातिर ने कहा कि उन्हें अहमदाबाद स्थित एटीएस मुख्यालय जाना होगा। जब उन्होंने इसमें असमर्थता जताई तो फोन करने वाले ने कॉल एक दूसरे व्यक्ति को यह कहते हुए ट्रांसफर कर दी, कि यह एटीएस के अधिकारी हैं इनसे बात कर लो। उसने कहा कि पांच लाख रुपये दे दो तो मामले से नाम हटा देंगे। उन्हें शक हो गया तो उन्होंने नौबस्ता थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर को सूचना दी। बताया कि कॉल करने वाले के पीछे पुलिस कार्यालय जैसा माहौल था। नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि बुजुर्ग जागरूकता के चलते ठगी का शिकार होने से बच गए हैं। नम्बर साइबर सेल को दिया गया है।

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