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शहीद रोहित के घर पहुंच कर अखिलेश ने दी परिजनों को सांत्वना

शहीद रोहित के घर पहुंच कर अखिलेश ने दी परिजनों को सांत्वना

कश्मीर के सोपिया में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए डेरापुर के रोहित यादव के परिजनों को सांत्वना देने के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार दोपहर डेरापुर पहुंचे। परिजनों से करीब 40 मिनट तक उन्होंने शहादत की जानकारी लेने के साथ ही सांत्वना दी। इसके साथ ही परिवार को पूरी मदद का भरोसा भी दिया।

रविवार की दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर अखिलेश यादव डेरापुर में शहीद रोहित के घर पहुंचे। वह सीधे उनके घर के अंदर चले गए वहां उन्होंने शहीद के पिता गंगा सिंह यादव के अलावा मां विमला देवी, पत्नी वैष्णवी और भाई सुमित को सांत्वना दी। पूर्व मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहाकि बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। शहीद के परिवार का वह स्वयं और उनकी पार्टी पूरा खयाल रखेगी। उन्होंने शहीद के बहनोई योगेन्द्र सिंह से घटना के बाबत भी जानकारी ली। यहां उन्होंने कहाकि आपरेशन में जाने वाले सैनिकों को हल्की 3 किलो वजन की बुलेट प्रूफ जैकेट भी दी जानी चाहिए। इसके बाद वह काफी समय तक परिवार के सदस्यों खास तौर पर मां व पत्नी को ढाढस बंधाते रहे। उन्होंने कहाकि बेटा या पति खोने का दर्द बड़ा होता है। बेटे को वापस तो नहीं लौटाया जा सकता है, लेकिन वह उनके दर्द को बांटने की कोशिश जरूर करेंगें। इस दौरान शहीद की मां और पत्नी लगातार सुबकतीं रहीं। उन्होंने पिता गंगा सिंह को 23 मई के बाद लखनऊ बुलाकर उनकी मदद का भरोसा दिया। इस दौरान एमएलसी दिलीप सिंह कल्लू यादव, जिलाध्यक्ष समरथ पाल, जगदेव यादव, पूर्व ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव, प्रमोद यादव,वीरसेन यादव, पूर्व प्रधान हिम्मत सिंह आदि रहे।

भाजपा के पास सारे सर्टिफिकेट, परिवार को मिले 1 करोड़ की सहायता

शहीद परिवार को सांत्वना देने के बाद बाहर निकले अखिलेश यादव ने मीडिया से मुखातिब हुए। परिवार को सांत्वना देने के लिए भाजपा के किसी मंत्री या बड़े नेता के यहां न आने पर उन्होंने कहाकि सारे सर्टिफिकेट भाजपा के पास है। भाजपा तो उन्हें हिन्दू भी नहीं मानती और देशभक्त भी सिर्फ वहीं हैं। उन्होंने कहाकि प्रदेश के बाबा मुख्यमंत्री तो उन्हें भैंस व गाय चराने वाला बताते हैं। उनको सांप छछूंदर कहा गया। उन्हें खुशी है कि देश की जनता ने इस बार इन लोगों को सबक सिखाने का काम किया है। उनकी मांग है कि शहीद के परिवार को 1 करोड़ की सहायता मिले। उन्होंने प्रधानमंत्री पर तंज कसा कि जब गुजरात के सीएम थे तब 1 करोड़ देते थे अब तो पीएम है क्यों नहीं दे रहे। प्रधानमंत्री को गुफा छोड़कर शहीदों के परिवारों को 1-1 करोड़ की मदद करनी चाहिए। उनकी सरकार आने पर वह शहीद परिवार को 1 करोड़ की सहायता देंगें। उन्होंने कहाकि प्रशासन को पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए। परिवार को नौकरी दी जानी चाहिए, जब हर शहीद को नौकरी दे रहे हैं तो इसके लिए क्यों नहीं दे रहे हैं।

नारा सुनते ही कार्यकर्ताओं को डांटा

अखिलेश यादव के डेरापुर पहुंचने के बाद कार से उतरते ही कुछ उत्साही कार्यकर्ताओं ने उनकी जिंदाबाद का नारा लगा दिया। इस पर उन्होंने कार्यकर्ताओं को डांटकर चुप रहने को कहा। उन्होंने कहाकि शोक की घड़ी में नारेबाजी नहीं होनी चाहिए।

शहीद के पिता ने सौंपा मांगपत्र

शहीद रोहित के पिता गंगा सिंह यादव ने मुख्यमंत्री के नाम एक मांग पत्र बनाया है। उसे उन्होंने पूर्व सीएम अखिलेश यादव को भी सौंपा। इसमें उन्होंने रोहित की जन्मभूमि डिरवापुर डेरापुर में शहीद स्मारक पार्क बनाए जाने की मांग की। इसके अलावा क्रीड़ा स्थल बनाने, कन्या इंटर कालेज बनवाने, रोहित की पत्नी व भाई को सरकारी नौकरी देने, नगर पंचायत डेरापुर में प्रस्तावित आईटीआई शहीद के नाम पर बनवाने व डेरापुर-मंगलपुर तिराहे का नाम शहीद रोहित यादव के नाम से किए जाने की मांग की है।

सूना रहा शहीद रोहित का अंतिम संस्कार स्थल

पूर्व सीएम अखिलेश यादव के शहीद रोहित के घर जाने के अलावा उनके अंतिम संस्कार स्थल पर जाकर भी श्रृद्धांजलि देने की संभावना जताई जा रही थी,लेकिन वह वहां नहीं गए। इसके अलावा भी डिरवापुर गांव के कुछ ग्रामीणों के पहुंचने के अलावा अंतिम संस्कार स्थल पूरे दिन सूना रहा। गांव के लोग अखिलेश के वहां आने के इंतजार में खड़े थे, लेकिन बाद में उनके वहां से चले जाने पर गांव के लोगों ने ही अपने लाल की मुखाग्नि स्थल पर पुष्प चढ़ाकर उसे श्रृद्धांजलि दी।

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  • Web Title:Akhilesh reached the house of Shahid Rohit and gave comfort to the family