अखिलेश मुक्ति मोर्चा की मांग, तहरीरों की रिपोर्ट तो दर्ज हो
Kanpur News - कानपुर में अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। पीड़िता ने इच्छा मृत्यु की मांग की है, क्योंकि वह अपने मामले में न्याय की उम्मीद नहीं कर रही हैं। उन्होंने 46 तहरीरों का उल्लेख किया है। मामले में भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया गया है।

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा ने एक बार फिर मीडिया के सामने अपनी बात रखी। कहा, अखिलेश के खिलाफ 46 तहरीरें दी गई हैं। सीआरपीसी के नियम का हवाला देते हुए कहा कि पहले तहरीरों पर रिपोर्ट दर्ज होनी चाहिए। उसके बाद साक्ष्य ढूंढे जाएं। पीड़िता होटल कारोबारी ने इसी बीच इच्छा मृत्यु की मांग की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत देश और प्रदेश के 19 लोगों और संस्थाओं को पत्र भेजकर उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग की है। ऐसा क्यों के सवाल पर कहा कि एक अफसर अखिलेश दुबे परिवार की मदद कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद नहीं है कि इंसाफ मिलेगा।
अफसर ताकतवर हैं, वह उनसे नहीं लड़ पाएंगी। इसलिए उन्होंने इच्छामृत्यु की मांग की है। इसके बाद उनके बच्चों की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार उठाएगी। मालरोड स्थित होटल में अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा ने वार्ता की। अधिवक्ता आशीष शुक्ला ने कहा कि ब्रज किशोरी पार्क पर कब्जा देने के साथ ही 1.11 एकड़ का बेनामी में म्यूटेशन कर दिया गया। वर्ष 1998 से इसका टैक्स नगर निगम ले रहा है। पार्कों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गलत तरीके से कब्जा साबित होने के बाद भी केडीए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं कर रहा है। पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र ने पीआईएल दाखिल की जिस पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया गया है। पार्कों को खाली कराने के लिए शहर के सांसद और विधायकों से अपील करने की बात भी कही। अधिवक्ता मनोज सिंह ने बताया कि जो तहरीरें लंबित हैं, उन पर पुलिस आयुक्त से बात हुई है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मनोज ने सभी मामले सीबीआई और ईडी को भेजने की मांग की। प्रज्ञा त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश के एक बड़े अधिकारी मदद कर रहे हैं जिसकी वजह से कार्रवाई बंद हो गई है। लोग कहते हैं कि अखिलेश के खिलाफ मुकदमा किया है, बचकर रहना। बच्चों को भी लोग डराते हैं। अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने कहा कि कई मामलों में अखिलेश और लवी जेल में बंद हैं लेकिन उन्हीं मामलों के अन्य आरोपियों को पुलिस ने न तो गिरफ्तार किया और न ही उनके खिलाफ कोर्ट से कोई कार्रवाई की जा रही है। अखिलेश के परिवार में 26 शस्त्र लाइसेंस पंजाब से जारी हुए जो निरस्त नहीं कराए गए। भाजपा नेता रवि सतीजा ने कहा जब वह अपनी समस्या लेकर डीजीपी से मिले तो उन्होंने अखिलेश के मददगार का नाम बताया था। मैं उन मददगार के पास भी पहुंचा लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने सीबीआई से जांच और ईडी को मामला भेजने की मांग की। किदवई नगर निवासी सचिन सिंह ने आरोप लगाया कि उनके प्लॉट पर भी कब्जा कर लिया गया। मामला कोर्ट में है बावजूद इसके दूसरे लोग कब्जा कर निर्माण करा लिया और नोटिस उन्हें भेजा गया। अधिवक्ता सोहेल जफर ने वक्फ संपत्ति का मामला उठाया। मनोहर शुक्ला ने बताया कि एक इंस्पेक्टर और दो वकीलों ने मिलकर उनकी करोड़ों की संपत्ति फर्जी दस्तावेजों से बेच दी। वार्ता के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश मिश्रा, प्रदीप जैन, मयंक मिश्रा, शैलेंद्र त्रिपाठी, शैलेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। आंचल बोली, पिता को फर्जी फंसाया गया मुक्ति मोर्चा के आरोपों का अखिलेश की बेटी आंचल दुबे ने खंडन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश मुक्ति मोर्चा बनाने वाले सभी लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड और डोजियर उनके पास हैं। उन्होंने मुक्ति मोर्चा में शामिल कई लोगों की हिस्ट्रीशीट होने का भी दावा किया। आंचल ने आरोप लगाया कि अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए लोग अखिलेश दुबे के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। इसी के चलते उनके पिता को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है। अब दबाव बनाने के लिए और लोगों की भावनाओं को जुटाने के लिए मुक्ति मोर्चा एकजुट होकर काम कर रहा है।

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