
कानपुर की हवा ज़हरीली, धूल-धुआं और गैसों से सांस लेना मुश्किल
Kanpur News - कानपुर में वायु प्रदूषण धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन स्थिति अब भी 'ऑरेंज' श्रेणी में है। आतिशबाजी और मौसम बदलाव से बिगड़ी हवा की सेहत में, बंगाल की खाड़ी से बन रहे चक्रवाती दबाव के कारण 27-28 अक्टूबर को बारिश होने से और राहत मिलने की संभावना है।
कानपुर में हवा में घुला जहर धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन अभी भी स्थितियां सही नहीं हैं। धूल धुआं के साथ हानिकारक गैसों की मात्रा भी सामान्य नहीं हो पाई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 191 रही। मौसम में आए बदलाव और आतिशबाजी के कारण हवा की सेहत बिगड़ गई है। अक्टूबर के पहले नौ दिन बेहद स्वस्थ (डार्क ग्रीन व ग्रीन श्रेणी) में रही हवा 10 से 17 अक्टूबर तक यलो श्रेणी यानी सांस न लेने लायक स्थितियों में पहुंच गई।

इसके बाद से अब तक यह ऑरेंज श्रेणी में बनी हुई है। 201 से अधिक एक्यूआई आने पर हवा की सेहत खतरनाक मानी जाती है। 17 अक्टूबर के बाद शुक्रवार को पहली बार यह 200 के नीचे दर्ज की गई है। नगर के विभिन्न सेंटरों में नेहरू नगर सेंटर अभी भी सर्वाधिक प्रदूषित बना हुआ। धूल धुएं के कणों की सर्वाधिक संख्या रात में और सुबह दर्ज की गई।
शहर में प्रदूषण की यह स्थितियां तब हैं जब हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी नहीं है। शुक्रवार को हल्के बादल और धुंध बनी रही। इसका असर यह पड़ा कि रात का तापमान 18.4 और अधिकतम पारा 33.6 डिग्री सेल्सियस बना रहा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहीं चक्रवाती स्थितियों के कारण अगले 72 घंटों में मौसम में बदलाव दिखेगा। इससे प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर उत्तर प्रदेश में भी पड़ेगा। यहां हल्के से मध्यम बादलों की आवाजाही होगी। 27 को बूंदाबांदी और 28 अक्टूबर को बारिश की संभावना है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




