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ब्लॉकचेन से डेटा, फाइनेंस व सप्लाई चेन रहेगी सुरक्षित

ब्लॉकचेन से डेटा, फाइनेंस व सप्लाई चेन रहेगी सुरक्षित

संक्षेप:

Kanpur News - कानपुर में पीएसआईटी के एआई विभाग में एआईसीटीई-अटल अकादमी द्वारा 'ब्लॉकचेन और इसके अनुप्रयोग' पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 नवंबर तक चलेगा। इसमें 50 से अधिक फैकल्टी ने भाग लिया और ब्लॉकचेन तकनीक की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

Mon, 3 Nov 2025 09:12 PMNewswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
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कानपुर। प्रमुख संवाददाता पीएसआईटी के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) विभाग में सोमवार को एआईसीटीई-अटल अकादमी की ओर से ब्लॉकचेन एंड इट्स एप्लीकेशंस विषय पर फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन हुआ। 8 नवंबर तक चलने वाले छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को शुभारंभ हुआ। जिसमें देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के 50 से अधिक फैकल्टी ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन एचबीटीयू के कंप्यूटर साइंस विभाग के डीन प्रो. रघुराज सिंह ने किया। उन्होंने ब्लॉकचेन तकनीक की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। कहा, ब्लॉकचेन आने वाले समय में डेटा सुरक्षा, हेल्थकेयर, फाइनेंस और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।

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हेल्थकेयर सेक्टर में ब्लॉकचेन मरीजों के मेडिकल रिकार्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहित और साझा करने में मदद करेगा। इससे पारदर्शिता और डेटा की विश्वसनीयता बनी रहेगी। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों में जानकारी दी। जिसमें ब्लॉकचेन की संरचना, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, वित्तीय लेनदेन, डेटा सुरक्षा, हेल्थकेयर, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और शिक्षा में इसके अनुप्रयोगों के बारे में मंथन हुआ। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को केस स्टडी और व्यावहारिक परियोजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। संस्थान के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि ब्लॉकचेन तकनीक आने वाले समय में सभी डिजिटल प्रणालियों की रीढ़ साबित होगी। संस्थान के समूह निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने कहा कि अटल-एफडीपी जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम फैकल्टी को नई तकनीकी दिशाओं से जोड़ते हैं। ब्लॉकचेन तकनीक भविष्य में सरकारी दस्तावेज़ प्रबंधन, डिजिटल प्रमाणपत्र, वित्तीय लेनदेन और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के क्षेत्र में अत्यधिक उपयोगी सिद्ध होगी।