जुड़वा बेटियों का क्यों किया कत्ल? बेरहम पिता ने सुनाई 3 घंटों की रूह कंपा देने वाली कहानी

Ajay Singh संवाददाता, कानपुर दक्षिण
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जुड़वा बेटियों का हत्यारोपी पिता बोला- मैं कई दिनों से बेटियों की हत्या की योजना बना रहा था। 500 रुपये का चापड़ खरीद कर आया था। इसे बेडरूम में छिपा रखा था। शनिवार रात करीब एक बजे सबसे पहले सिद्धि का मुंह बंद कर गला दबा दिया। उसे जमीन पर बिस्तर बिछा कर लिटा दिया। फिर चापड़ निकाल कर उसकी गर्दन पर रखा।

जुड़वा बेटियों का क्यों किया कत्ल? बेरहम पिता ने सुनाई 3 घंटों की रूह कंपा देने वाली कहानी

उत्तर प्रदेश के कानपुर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर जे-4 में तीन घंटे जो हुआ उसे सोचकर ही रूह कांप जाए। शनिवार की रात एक बजे से रविवार के तड़के तीन बजे के बीच एक पिता की बेरहमी चरम तक पहुंच गई। शशिरंजन ने उन्हीं हाथों से ऋद्धि और सिद्धि की निर्मम हत्या की जिनसे उन्हें गोद में उठाकर खिलाया करता था। पुलिस की पूछताछ में उसने जो बताया है वो हैरत में डालने वाला है। बकौल शशिरंजन-‘मुझे पता है कि मैं ज्यादा दिन नहीं जिऊंगा...पत्नी भी बेटियों का ध्यान नहीं देती...मैं ही उन्हें पालता था....मेरे बाद उनका क्या होता...इसी बात की चिंता थी...इसीलिए मारने का प्लान बनाया और मार डाला’।

शशिरंजन मिश्रा ने तीन घंटे की घटना को विस्तार से यूं बताया। ‘मैं कई दिनों से बेटियों की हत्या की योजना बना रहा था। इसीलिए मूलगंज से 500 रुपये का चापड़ भी खरीद कर घर ले आया था। इसे बेडरूम में छिपा रखा था। शनिवार देर रात बच्चियों को बेड पर सुलाया। करीब एक बजे सबसे पहले सिद्धि का मुंह बंद कर गला दबा दिया, इसके बाद उसे जमीन पर बिस्तर बिछा कर लिटा दिया। फिर चापड़ निकाल कर उसकी गर्दन पर रखा। गला रेतने में खून ज्यादा निकलता, इसलिए चापड़ के ऊपर हथौड़े से वार किया, जिससे सिद्धि के गले की नस कट गई। करीब दो बजे बजे रिद्धि को उठा कर टॉयलेट कराया। फिर करीब 3 बजे पर इसी तरीके से उसकी भी हत्या कर दी। इसके बाद फ्लैट से लेकर बाहर और अंदर टहलने लगा। ग्राउंड फ्लोर पर फ्लैट है इसलिए बाहर निकलने में देर नहीं लग रही थी। कुछ और नहीं सूझा तो साढ़े चार बजे यूपी-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना दी’।

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सिद्धि स्वस्थ थी इस लिए उसे पहले मारा

हत्यारोपित ने बताया कि सिद्धि दूसरी बेटी रिद्धि से स्वस्थ और तंदुरूस्त थी। आशंका थी कि उसे मरने में समय लगेगा, इसलिए उसकी पहले हत्या की, फिर दूसरी बेटी को मौत के घाट उतारा। आरोपित ने कहा कि बेटियों का गला दबाने के बाद चापड़ से वार इसलिए किया क्योंकि गला दबाने में कुछ ऑक्सीजन ब्रेन में रह जाता है, इससे उसकी जान नहीं जाती, हालांकि ब्रेन डेड हो जाता है। अगर बेटियां इस हालत में जिंदा बच जातीं, तो और दुख होता। पुलिस के मुताबिक, घटना को अंजाम देने के लिए हत्यारोपित ने अपनी मेडिकल फील्ड का भी अनुभव लिया।

एक पिता ने अपनी दो बेटियों की हत्या कर दी, जल्दी पहुंचो

हत्या के बाद शशिरंजन ने सुबह साढ़े चार बजे पुलिस को फोन करते हुए कहा कि किदवईनगर के ब्लॉक में त्रिमूर्ति अपार्टमेंट है, वहां पर एक पिता ने अपनी जुड़वां बेटियों की हत्या कर दी है। पिता वहीं पर खड़ा है, जल्दी पहुंचो। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसने बताया कि हत्या मैंने ही की है।

कहा था सबको मारकर मरूंगा, लेकिन सिर्फ बेटियां ही मरीं

घटना के बाद पुलिस आरोपित को गिरफ्तार कर थाने ले गई थी, मगर एक बार फिर घटनास्थल लेकर पहुंची। इस दौरान पत्नी शशिरंजन को देखती ही चीख कर बोली कि बेटियां तो मैंने पैदा की थीं, फिर उन्हें क्यों मारा। इस पर आरोपित ने कहा कि मैंने कहा था कि सबको मार कर मरूंगा, लेकिन सिर्फ बेटियां ही मर पाईं। मैं भी अपने आप को नहीं मार सका।

रात में साथ बैठ कर खाया था खाना

रेशमा ने बताया कि शनिवार रात शशिरंजन घर आम दिनों की अपेक्षा जल्दी आ गया था। रेशमा ने रात में सभी के लिए खाना बनाया, इसके बाद साथ में बैठ कर सभी लोगों ने खाया। इस बीच कोई झगड़ा भी नहीं हुआ। करीब दस बजे बच्चियां अपने कमरे में चली गईं।

महिलाओं से छेड़खानी में हुई थी पिटाई, हवालात में रहा था

त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में रहने वालों ने बताया कि शशिरंजन शराब पीकर घर आता था, फ्लैट में रहने वाले सभी लोगों को गाली गलौज करता था। कई बार अपार्टमेंट में भी उसकी पिटाई हुई। बीते वर्ष किदवई नगर के ब्लॉक में गणेश उत्सव का आयोजन किया गया था। मूर्ति विसर्जन के दौरान उसने वहां की महिलाओं से नशे की हालत में छेड़खानी कर दी थी। जिसके बाद महिलाओं ने उसे चप्पलों से पीटा था। पुलिस भी मौके पर पहुंची थी और उसे हवालात में एक रात रहना पड़ा था। इस घटना के बाद लखनऊ में रह रहे फ्लैट मालिक विवेक गुप्ता ने शशिरंजन को फ्लैट छोड़ने को कह दिया। दोनों में खूब विवाद हुआ, हालांकि बाद में शशि ने माफी मांग ली थी। इसी के चलते घटना के बाद अपार्टमेंट का कोई भी व्यक्ति सांत्वना देने तक नहीं आया। यही नहीं पंचनामा भरने के लिए पुलिस को पांच लोग चाहिए थे, उसके लिए भी लोग तैयार नहीं हुए। बेटियों की मौत पर रेशमा बेसुध थी, पुलिस ने अपार्टमेंट में रहने वालों से तहरीर लिख कर देने को कहा, लेकिन कोई राजी नहीं हुआ।

घरेलू या किसी वजह से डीप डिप्रेशन में था शशि

मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र की वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक संध्या शुक्ला ने कहा कि ऐसा लगता है कि हत्यारा पिता किसी घरेलू या अन्य कलह की वजह से डीप डिप्रेशन में था। अक्सर ऐसी मनोवैज्ञानिक वृत्तियां विकसित हो जाती हैं कि सोचते-सोचते वह बड़े निर्णय ले लेता है। बेटियों की हत्या इसी आवेश का परिणाम है। हत्या के बाद उसने स्वयं पुलिस को जानकारी दी। इससे लगता है कि हत्या के बाद उसे अपनी गलती का अहसास हो गया।

क्या बोली पुलिस

कानपुर के डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि दवा कारोबारी साइको है। वह नशीली और नींद समेत कई तरीके की दवाएं खाता था। उसने पहले गला घोंटा, जिससे दोनों बहनें अचेत हो गईं। फिर चापड़ा से गला काट दिया। इसलिए कम खून बहा है। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

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लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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