नौसेना की पसंद बनी कानपुर की सुपर रैपिड गन, और मिले ऑर्डर; जानें क्या है खासियत?
कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में बनी सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) भारतीय नौसेना की बड़ी ताकत बन रही है। एक मिनट में 120 गोले दागने वाली इस तोप की पांच में से तीन बैरल नौसेना को सौंपी जा चुकी हैं। रक्षा मंत्रालय ने सभी युद्धपोतों पर SRGM लगाने का फैसला किया है।

मध्य पूर्व में जारी जंग और बदलती सामरिक चुनौतियों के बीच कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री (एफजीके) में बनी सुपर रैपिड गन माउंट (एसआरजीएम) भारतीय नौसेना के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरी है। एक मिनट में 120 गोले दागने वाली इस अत्याधुनिक तोप की पांच बैरल के प्राइमरी ऑर्डर को फैक्ट्री ने लगभग पूरा कर लिया है। तीन बैरल पहले ही नौसेना को सौंपी जा चुकी हैं, जबकि दो अन्य बैरल तैयार होकर अगले महीने तक भेजी जाएंगी। एसआरजीएम के अचूक निशाने और शानदार प्रदर्शन से भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय बेहद उत्साहित हैं।
सभी युद्धपोतों पर SRGM सिस्टम लगाने का फैसला
रक्षा मंत्रालय ने अब सभी युद्धपोतों पर एसआरजीएम सिस्टम लगाने का फैसला किया है। इसके बाद नेवी ने फील्ड गन फैक्ट्री से और बैरल तैयार करने को कहा है। एफजीके ने आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए एसआरजीएम बैरल के लिए इटली पर निर्भरता खत्म कर दी है। रक्षा मंत्रालय की सार्वजनिक कंपनी एडब्ल्यूएआईएल की इकाई अर्मापुर स्थित फील्ड गन फैक्ट्री ने समुद्री खारे पानी में भी जंगरोधी रहने वाली विशेष बैरल विकसित की है। केरल के कोच्चि तट पर परीक्षण ने इसकी क्षमता साबित कर दी है।
सुपर रैपिड गन माउंट (एसआरजीएम) की मांग बढ़ी
एडब्ल्यूएआईएल, कानपुर के महाप्रबंधक एहतेशाम अख्तर ने बताया कि तीन एसआरजीएम बैरलों को नेवी को सौंप दिया गया है। दो अन्य भी बनकर तैयार हैं और अगले महीने तक भेजने के बाद प्राइमरी ऑर्डर पूरा हो जाएगा। नेवी से बड़ा ऑर्डर मिलने पर उत्पादन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत इटली पर निर्भरता खत्म करते हुए एसआरजीएम का स्वदेशीकरण हो गया है। -
मिसाइल, ड्रोन को सेकंडों में करती तबाह
एसआरजीएम की सबसे बड़ी खासियत इसकी रैपिड फायरिंग क्षमता है। 76 एमएम कैलिबर की यह तोप कॉम्पैक्ट मोड में 85 राउंड प्रति मिनट और रैपिड मोड में 120 राउंड प्रति मिनट की दर से फायरिंग करती है। यह छह से सात किलोमीटर दूर हवा में ही दुश्मन की मिसाइल, ड्रोन और एयरक्राफ्ट को निशाना बनाकर नष्ट कर सकती है। इसकी अधिकतम मारक क्षमता 16 किलोमीटर तक है। भारतीय नौसेना के जहाजी बेड़ों की सुरक्षा के लिए एसआरजीएम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समुद्री सीमाओं पर बढ़ते ड्रोन और मिसाइल खतरों के बीच यह तोप भारतीय युद्धपोतों की रक्षा कवच बनेगी।
सुपर रैपिड गन माउंट (SRGM) की खासियत
कैलिबर- 76 एमएम
बैरल लंबाई- 4588 एमएम
अधिकतम मारक क्षमता- 16 किलोमीटर
रैपिड फायरिंग क्षमता- 120 राउंड प्रति मिनट


