रूस में यूक्रेनी ड्रोन हमले का शिकार बने कानपुर के मर्चेंट नेवी अफसर, पत्नी ने शव के लिए लगाई गुहार
सागर गुप्ता की तैनाती रूस में थी। 15 जून को दिल्ली से मुंबई पहुंचने के बाद वह टर्की के लिए निकले थे। वहां से रूस जा रहे थे। 21 जुलाई को उनके सहकर्मियों ने कॉल कर बताया था कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्व के दौरान 18 जुलाई को यूक्रेन ने ड्रोन से शिप पर हमला कर दिया। इसमें सागर की मौत हो गई।

रूस में यूक्रेनी ड्रोन हमले में कानपुर के रहने वाले मर्चेंट नेवी अफसर सागर गुप्ता की मौत हो गई है। 10 दिन बाद भी उनका शव नहीं आया है। सागर गुप्ता की पत्नी शालू ने पति का शव मंगाने के लिए सरकार से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि सागर एक शिप कंपनी में मर्चेंट नेवी के चीफ अफसर थे। कोई बता भी नहीं रहा कि उनका शव कब और कैसे आएगा। पति के साथियों ने उन्हें 21 जुलाई को सूचना दी थी कि 18 जुलाई को काला सागर में यूक्रेन के ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई है। अब कोई फोन नहीं उठा रहा। यह कहते हुए पत्नी शालू बिलख-बिलख कर रो रही हैं।
शास्त्रीनगर निवासी सागर गुप्ता के परिवार में पत्नी शालू, मां रामादेवी, सात महीने का बेटा कृष्णा, पांच साल की बेटी गौरी और चार शादीशुदा बहन हैं। बड़े भाई मनीष ने बताया कि सागर की वर्ष 2018 में डीजी शिपिंग के जरिए चीफ इंजीनियर पद पर मुंबई की एवन नेवीगेटर्स कंपनी में भर्ती हुई थी। उनकी तैनाती रूस में थी। 14 जून को वह घर से निकले थे, जहां से 15 जून को दिल्ली से मुंबई पहुंचने के बाद वह टर्की के लिए निकले थे। वहां से रूस जा रहे थे। इसके बाद 21 जुलाई को उनके सहकर्मियों ने कॉल कर बताया था कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्व के दौरान 18 जुलाई को काला सागर में यूक्रेन ने ड्रोन से शिप पर हमला कर दिया। इस हमले में सागर की मौत हो गई।
अब मेरा और बच्चों का ख्याल कौन रखेगा
सागर की पत्नी शालू ने बताया कि 17 जुलाई की रात को पति ने कॉल की थी। उन्होंने जल्द रशिया पहुंचने की जानकारी दी थी। परिवार व बच्चों का हालचाल लेने के बाद उन्होंने नेटवर्क खराब होने की बात नहीं हो पाने की बात कही। उन्होंने दूसरे दिन कॉल करने की बात कही थी, लेकिन उनकी कॉल नहीं आई। फफकते हुए कहने लगीं कि अब उनका और बच्चों का ख्याल कौन रखेगा।
रशिया की मोर्चरी में रखा है सागर का शव
परिजनों के अनुसार सहकर्मियों ने बताया कि यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह पर शिप पर हमला हुआ है। इसकी जानकारी भारतीय दूतावास को दे दी गई है। इस हादसे में सागर का वीजा, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज जल गए हैं। इस कारण शव रशिया की मोर्चरी में रखा हुआ है। आरोप है कि अब कंपनी के अधिकारी बातचीत नहीं कर रहे हैं। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल रही है कि सागर का शव कैसे मिलेगा।
बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर बिलख रही मां
सागर की मौत की सूचना से परिवार के सदस्य बेहाल हैं। मां रामादेवी की आंखें बेटे को देखने को तरस रही हैं। वह बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर बिलखती रहीं। वहीं पत्नी शालू भी अपने बेटे को गोद में लेकर जार-जार रोती रहीं। पांच साल की बेटी गौरी उन्हें बार-बार चुप कराने का प्रयास करती रही। इसके बाद वह बेटी को गले लगाकर फफक पड़ीं। रिश्तेदारों का भी आना-जाना लगा हुआ है।
क्या बोले अधिकारी
कानपुर के एडीएम सिटी आलोक गुप्ता ने बताया कि सागर गुप्ता के परिवारीजनों ने उन्हें एक पत्र दिया है। उसके आधार पर सागर गुप्ता की 18 जुलाई को मौत होने की जानकारी मिली है। मौके पर लेखपाल ने जाकर परिजनों से बात की है। पूरी जानकारी गृह विभाग के जरिए दूतावास को भेजी जा रही है, जिससे शव को मंगाया जा सके।


