कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: शिवम मिश्रा 7 घंटे में छूट गया, कोर्ट में पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज
कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड में तंबाकू व्यापारी के बेटे शिवम मिश्रा को कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने शिवम को 20 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश किया। साथ की पुलिस की 14 दिनों की रिमांड अर्जी को खारिज कर दिया है। गिरफ्तारी के महज 7 घंटे के भीतर शिवम को कोर्ट से बेल मिल गई।

कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड में तंबाकू व्यापारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को एसीजेएम कोर्ट ने जमानत दे दी है। कोर्ट ने शिवम को 20 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश किया। साथ की पुलिस की 14 दिन की रिमांड अर्जी को खारिज कर दिया है। आज सुबह ही करीब 9 बजे शिवम की गिरफ्तारी हुई थी। लेकिन महज 7 घंटे के भीतर कोर्ट से बेल गई। हालांकि पुलिस जांच में सामने आया था कि हादसे के वक्त शिवम मिश्रा ही ड्राइविंग सीट पर था, और कार चला रहा था।
सुबह गिरफ्तारी, 7 घंटे में रिहाई
आपको बता दें कानपुर के वीआईपी रोड पर करीब 12 करोड़ रुपये की लग्जरी लैंबॉर्गिनी कार से हुए हादसे के मामले में पुलिस ने बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को आज ही गिरफ्तार किया था। एसओजी की टीम ने शिवम को अरेस्ट किया था। इस मामले में तब नया मोड आया था जब हादसे में घायल तौफीक ने शिवम के ड्राइवर मोहन एम से समझौता किया है। यह समझौतानामा कोर्ट में लगाया गया था। यह वही मोहन एम है, जिसे केके मिश्रा ने लेम्बोर्गिनी कार का ड्राइवर बताया था।
हालांकि एसीजेएम अमित सिंह की कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर मोहन को हादसे वाली कार का ड्राइवर नहीं माना है और उसकी सरेंडर अर्जी निरस्त कर दी। पुलिस ने कोर्ट को दी रिपोर्ट में कहा है ड्राइवर मोहन न तो नामजद अभियुक्त है और न नाम प्रकाश में आया है। उधर, शिवम मिश्रा की कार रिलीज की अर्जी पर कोर्ट ने दस्तावेज सौंपने और टेक्निकल मुआयना कराने के निर्देश देकर दो दिन में रिपोर्ट मांगी है।
क्या हुआ था हादसे के दिन?
वीआईपी रोड पर आठ फरवरी की दोपहर शिवम की लेम्बोर्गिनी से हादसा हो गया था। बुलेट और ऑटो में कार की टक्कर से चार लोग घायल हो गए थे। घायल मो. तौफीक ने ग्वालटोली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पहली अर्जी शिवम की ओर से थी, जिसमें कार से हादसा न होने और लोगों द्वारा शीशा तोड़ने की बात कहए रिलीज करने की मांग की थी। दूसरी अर्जी ड्राइवर मोहन एम की ओर से थी। इसमें कहा वह स्थायी ड्राइवर है और घटना वाले दिन वही कार चला रहा था। केस दर्ज होने की सूरत में वह सरेंडर करना चाहता है। मामले में एसीजेएम कोर्ट ने ग्वालटोली पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी।
कार रिलीज पर कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी
शिवम की कार रिलीज अर्जी पर भी कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने रिपोर्ट में कहा वाहन संख्या डीएल 11 सीफ 4018 लेम्बोर्गिनी कार से अपराध कारित किया है। चालक शिवम कुमार मिश्रा का नाम सामने आया है। आरोपी की ओर से कार से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। पुलिस की इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने शिवम को आदेश दिया वह कार से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए।
तौफीक बोला-इलाज हो गया अब शिकायत नहीं
कोर्ट में समझौता पत्र दाखिल होने के बाद सामने आए वादी मो. तौफीक ने कहा हादसे में बाएं पैर में चोट आई थी। इलाज करा दिया, अब कोई शिकायत नहीं है। मो. तौफीक चमनगंज के घोसियाना में रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजर-बसर करता है
कौन है शिवम मिश्रा?
शिवम के पिता केके मिश्रा प्रतिष्ठित बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक हैं। उनकी कंपनी कई नामी कंपनियों को पान मसाला और तंबाकू ब्रांड्स को कच्चा माल उपलब्ध कराती है। इस कंपनी का नेटवर्क यूपी के साथ, दिल्ली, मुंबई, गुजरात समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है। शिवम मिश्रा इस कंपनी में डायेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिवम मिश्रा को महंगी कारों और घड़ियों का शौक है। उनके पास रोल्स रॉयस, लैंबॉर्गिनी, फेरारी, मैकलेर और पोर्श जैसी महंगी कारें हैं।


