
जीएसवीएम ने विभागीय बोर्ड से डॉ. शाहीन का नाम हटाया, NIA-ATS की छापेमारी के बाद उठाया कदम
संक्षेप: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने फार्माकोलॉजी विभाग के बोर्ड से डॉक्टर शाहीन सईद का नाम हटा दिया है। जीएसवीएम ने दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट के मामले की जांच में डॉक्टर शाहीन का नाम सामने आने के बाद यह कदम उठाया है।
यूपी के कानपुर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज ने फार्माकोलॉजी विभाग के बोर्ड से डॉक्टर शाहीन सईद का नाम हटा दिया है। जीएसवीएम ने दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट के मामले की जांच में डॉक्टर शाहीन का नाम सामने आने के बाद यह कदम उठाया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह बात कही।

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि डॉक्टर शाहीन 1 सितंबर 2012 से 31 दिसंबर 2013 तक फार्माकोलॉजी विभाग की अध्यक्ष रही और उनके बाद डॉक्टर पूजा अग्रवाल ने 1 जनवरी 2014 से यह पद संभाला। अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि दिल्ली पुलिस और आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) से मिली जानकारी के बाद यह एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। अधिकारी ने कहा कि संस्थान ने किसी भी गलत पहचान या प्रतिष्ठा को नुकसान से बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई की।
एनआईए और एटीएस की छापेमारी
अधिकारी ने कहा कि एटीएस और राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने शुक्रवार और उसके अगले दिन शनिवार को जीएसवीएम परिसर का दौरा किया और फार्माकोलॉजी विभाग में जांच की। एजेंसियों ने डॉ. शाहीन और उन लोगों के बारे में जानकारी ली जो अभी भी उनके संपर्क में हो सकते हैं। जांचकर्ताओं ने चुनिंदा विभागीय दस्तावेज़ों की समीक्षा भी की। बोर्ड में बदलाव एक आंतरिक तौर पर उठाया गया एहतियाती कदम है जिसका उद्देश्य जांच जारी रहने तक संस्थान की छवि को सुरक्षित रखना है।
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार को धीमी गति से चल रही एक कार में एक जोरदार विस्फोट हुआ था। जिससे 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार एनआईए अब इस विस्फोट की जांच एक आतंकवादी हमले के रूप में कर रही है।





