उम्रकैद से नहीं भरे जख्म; मासूम के पिता बोले- फांसी हो, 7 साल की बच्ची की रेप के बाद की थी हत्या
7 साल की बच्ची से रेप और फिर हत्या के मामले में आरोपी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। लेकिन पीड़ित बच्ची के माता-पिता का कहना है कि जिस तरह से उनकी बेटी के साथ हैवानियत की गई। उसके लिए आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। पीड़िता के पिता ने कहा कि हमारी बच्ची ने क्या कसूर किया था।

कन्नौज में 3 साल पहले सात साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और फिर बेरहमी से गला दबाकर उसकी हत्या करने वाले दरिंदे को शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। शासकीय अधिवक्ता बृजेश चंद्र शुक्ला के मुताबिक, यह वारदात तालग्राम थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में हुई थी। 4 मई की देर रात एक वैवाहिक समारोह से मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। पीड़िता के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। घटना के दो दिन बाद 7 मई की शाम को बच्ची का लहूलुहान शव मक्का के एक खेत से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। पुलिस की तफ्तीश में बेहटा गांव के निवासी सुभाष चंद्र पुत्र रामपाल का नाम सामने आया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने गवाहों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर सुभाष को दोषी पाया। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।
बच्ची के पिता बोले- उम्रकैद नहीं फांसी मिले
तीन साल पहले सात वर्षीय मासूम के साथ दरिंदगी और हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था। करीब तीन साल बाद अदालत ने मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई। लेकिन पीड़ित बच्ची के माता-पिता का कहना है कि जिस तरह से उनकी बेटी के साथ हैवानियत की गई। उसके लिए आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। पीड़िता के पिता ने कहा कि हमारी बच्ची ने क्या कसूर किया था। जिसने इतनी बेरहमी से उसकी जिंदगी छीनी। उसे जीने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। वहीं मां की आंखें आज भी बेटी को याद कर नम हो जाती हैं। उनका कहना है कि उम्रकैद से कानून का काम पूरा हो गया होगा। लेकिन उनके दिल को सुकून तभी मिलता जब दोषी को फांसी मिलती।
तीन साल पहले बच्ची की रेप के बाद हुई थी हत्या
गौरतलब है कि तालग्राम थाना क्षेत्र के बेहटा चौकी के अंतर्गत एक गांव में 4 मई 2023 को चचेरी बहन की शादी समारोह के दौरान सात वर्षीय बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। छह मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद 26 मई 2023 को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने जांच की थी। अदालत में चली लंबी सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
इस घटना ने परिवार की पूरी जिंदगी बदल दी
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने कहा कि उनकी बेटी अब कभी वापस नहीं आएगी। लेकिन ऐसे अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जरूरी है। ताकि भविष्य में कोई और मासूम ऐसी दरिंदगी का शिकार न बने। परिवार का कहना है कि इस घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। गांव के लोगों ने भी अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि समाज में इस तरह के अपराधों पर सख्त कार्रवाई ही अपराधियों में डर पैदा कर सकती है।


