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27 सितम्बर, 2020|8:50|IST

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धूमधाम से मनाई गई विश्वकर्मा जयंती, पूजे गए निर्माण के देव

धूमधाम से मनाई गई विश्वकर्मा जयंती, पूजे गए निर्माण के देव

वास्तु और शिल्प के देवता भगवान विश्वकर्मा की जयंती के मौके पर गुरुवार को विशेष पूजा पाठ हुआ। घरों के साथ गैराजों और फैक्ट्रियों में भगवान की आराधना की गई। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से नई ऊर्जा मिलने के साथ ही कामकाज में आने वाली अड़चनें दूर हो जाती हैं।

गुरुवार को देवताओं के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर भगवान विश्वकर्मा की आराधना की गई और जगह-जगह झांकियां भी सजाई गई। घरों के साथ गैराजों और फैक्ट्रियों में हवन-पूजन के साथ प्रसाद वितरण किया गया।

माना जाता है कि इस दिन विधि विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से रोजगार और बिजनेस में तरक्की मिलती है। वहीं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पी कहा जाता है। वे निर्माण एवं सृजन के देवता है। इनको संसार के पहले इंजीनियर और वास्तुकार भी काह जाते हैं।

जयंती के अवसर पर विशेष पूजा अर्चना के साथ शहर में कई कार्यक्रमों के आयोजन हुए। इसी कड़ी में जिला अस्पताल में एक्सरे विभाग में डॉ. संजय सैनी, डॉ. जेएस रंधावा, जितेंद्र शुक्ला, प्रदीप विद्यार्थी, मुन्ना राम चौधरी ने मंत्रोच्चारण के बीच भगवान का पूजन किया। आचार्य के मुताबिक इस बार विश्वकर्मा जयंती पर विशेष संयोग रहा। आचार्य राकेश मिश्र बताते हैं कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से रोजी-रोजगार, कारोबार, नौकरी-पेशा में उन्नति होती है। साथ ही इस दिन भगवान शिव की आराधना से उनकी विशेष अनुकंपा की प्राप्ति होती है।

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  • Web Title:Vishwakarma Jayanti celebrated with pomp god of worship