
नेशनल हाईवे की लापरवाही से बर्बाद हो गया परिवार
Kannauj News - छिबरामऊ में पूर्वी तिराहे पर लगातार हादसे हो रहे हैं। बहवलपुर निवासी राजू पाल एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनके इलाज पर रोज़ 20,000 रुपये खर्च हो रहे हैं। मेजर जंक्शन का निर्माण पिछले डेढ़ साल से रुका हुआ है, जिससे हादसों की संख्या बढ़ रही है।
छिबरामऊ, संवाददाता। नगर में पूर्वी तिराहे पर हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। नेशनल हाईवे की लापरवाही से बहवलपुर का एक परिवार बर्बाद हो गया है। इसके साथ ही यहां पल-पल पर लगने वाले जाम में फंसकर वाहन चालक बेहाल हो जाते हैं। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए प्रस्तावित मेजर जंक्शन का निर्माण डेढ़ साल बाद अब तक नहीं शुरू हो पाया है। एनएचएआई के प्रस्तावित मेजर जंक्शन वाली जगह पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। ऐसा ही एक हादसा 3 नवंबर की सुबह 5 बजे हुआ। बहवलपुर निवासी राजू पाल (36) पुत्र स्व.रामसिंह पाल अपने खेत से मेथी की सब्जी लेकर साइकिल से नवीन मंडी में बेचने जा रहा था।
तभी किसी वाहन ने टक्कर मार दी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे यहां से सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय, फिर सिटी हॉस्पिटल फर्रुखाबाद और वहां से कानपुर भेजा गया। जहां अब तक उसकी हालत नाजुक होने से कोमा में है। मात्र एक बीघा खेत में सब्जी उगाकर परिवार का भरण पोषण करने वाले राजू पाल के इलाज पर प्रतिदिन लगभग 20 हजार खर्च हो रहे हैं। दूसरी तरफ इस हादसे की रिपोर्ट काफी प्रयासों के बावजूद पुलिस ने दर्ज नहीं की। वार्ड 2 पटेलनगर के पूर्व सभासद पति जयप्रकाश ने बताया कि उसके परिवार में पत्नी अर्चना सहित बेटियां रागिनी (14), लक्ष्मी (12), काजल (10), काव्या (8), शिवानी (6), अनुष्का (3) और इसी 7 अक्तूबर को पैदा हुआ इकलौता पुत्र है। सभी का रो- रोकर बुरा हाल है। इससे पहले हुए दो हादसों में उपासना पुत्री रमेश सिंह व बाबूराम शाक्य पुत्र करोड़ीलाल दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मेजर जंक्शन की जगह बनी वाहनों की पार्किंग स्थल छिबरामऊ। प्रस्तावित मेजर जंक्शन की जगह पर अब प्राइवेट बसें खड़ी होने लगी हैं। तालग्राम रोड पर चलने वाली एक प्राइवेट बस यहां पर पार्किंग के लिए आ रही थी तभी चालक उसे पर नियंत्रण खो बैठा और उसकी बस राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साइन बोर्ड से जा टकराई थी, इससे बोर्ड तिरछा हो गया और वहां पर खड़े लोगों ने भाग कर जान बचाई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर हट पाया था अतिक्रमण छिबरामऊ। पूर्वी बाईपास तिराहा पर मेजर जंक्शन बनाने के लिए पिछले वर्ष 31 मई 2024 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद 19 जून 2024 को ज़िला प्रशासन ने यहां पर अधिग्रहीत की गई दुकानों को तोड़ कर अतिक्रमण हटवा दिया था और मेजर जंक्शन बनाने के लिए मुक्त कराई गई जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के हवाले कर दी थी। लेकिन मलबा हट जाने के बावजूद अभी तक इस स्थान पर मेजर जंक्शन बनाने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। सौरिख व तालग्राम रोड से आने वाले बड़े डम्परों व कंटेनरों को हाईवे पर चढ़ने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनके टायर फटने की घटनाएं आम बात हो गई है। एनएचएआई के पीडी कर रहे अनसुना छिबरामऊ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता लालू ने कहां मैंने इसी साल 26 फरवरी को प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को ज्ञापन देकर मेजर जंक्शन शीघ्र बनवाने की मांग की थी, लेकिन उसे भी एनएचएआई के पीडी ने अनसुना कर दिया। उन्होंने एनएचएआई के परियोजना निदेशक, कानपुर से मेजर जंक्शन का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण में देरी से न केवल हादसे बढ़ रहे हैं, बल्कि व्यापार और आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। क्या कहते जिम्मेदार- एनएचएआई के मैनेजर नवीन कुमार का कहना है कि छिबरामऊ के पूर्वी बाईपास पर मेजर जंक्शन प्रस्तावित है। इसका काम होने के बाद हादसों में कमी आएगी।

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