
ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही पर 20 प्रधान और आठ सचिवों को नोटिस
Kannauj News - कन्नौज में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों से संबंधित ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। आठ ग्राम पंचायत अधिकारियों और अन्य को नोटिस जारी कर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में अभिलेख न देने पर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
कन्नौज। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों से जुड़ी ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आठ ग्राम पंचायत अधिकारियों, एक सेवानिवृत्त सचिव, चार ग्राम विकास अधिकारियों और 20 ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।डीपीआरओ राजेंद्र प्रकाश ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में अभिलेख न देने की स्थिति में रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंचायतीराज विभाग, राज्य वित्त आयोग तथा केंद्रीय वित्त आयोग के माध्यम से ग्राम पंचायतों में विकास एवं अन्य कार्य कराए जाते हैं, जिनकी नियमित रूप से लेखा परीक्षा विभाग द्वारा ऑडिट की जाती है।
वित्त वर्ष 2022-23 के ऑडिट में कई गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिनसे संबंधित अभिलेख अब तक प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। 11 नवम्बर को जारी नोटिस में ग्राम पंचायत अधिकारी राजेंद्र कुमार वर्मा, दीवान सिंह, गौरी शंकर तिवारी, मनोज कुमार वर्मा, संजीव कुमार शर्मा, प्रदीप यादव, राजेंद्र कुमार वर्मा, अवनीश चंद्र, सेवानिवृत्त सचिव रमेश चंद्र, तथा ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र कुमार पटेल, देवेंद्र प्रताप सिंह, अशोक यादव और अरविंद कुमार के नाम शामिल हैं। कोट विभाग ऑडिट आपत्तियों के शीघ्र निस्तारण के लिए गंभीर है। ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है। अभिलेखों के अभाव में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका बढ़ती है, इसलिए समय पर अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।- राजेंद्र प्रकाश डीपीआरओ

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




