तत्वदर्शी संत की शरण के बिना मानव जीवन अधूरा
छिबरामऊ में संत रामपालजी महाराज के सानिध्य में विशाल सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति गीतों से हुई और संत के अमृत प्रवचन सुनाए गए। संत ने कहा कि तत्वदर्शी संत की शरण में मानव जीवन का उद्देश्य पूरा हो सकता है, और कबीर परमेश्वर की भक्ति से मुक्ति संभव है।

छिबरामऊ। क्षेत्र में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपालजी महाराज के सानिध्य में विशाल सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भक्ति गीतों एवं सत्संग वाणी के साथ हुआ, जिसके बाद संत रामपालजी महाराज के अमृत प्रवचनों का श्रवण कराया गया। अपने प्रवचन में संत रामपालजी महाराज ने कहा कि तत्वदर्शी संत की शरण के बिना मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि मनुष्य जन्म अत्यंत दुर्लभ है और इसका सदुपयोग केवल शास्त्रों के अनुसार सच्ची भक्ति करके ही किया जा सकता है।
उन्होंने कबीर परमेश्वर की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि पूर्ण परमात्मा की भक्ति से ही जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति संभव है। कार्यक्रम में भानुप्रताप दास, संतोष दास, सर्वेश दास सहित अनेक सेवादार एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


