
उधरनपुर के ग्रामीणों को शीघ्र मिलेगा अपनी जमीनों का मलिकाना हक
Kannauj News - छिबरामऊ के ग्राम हरिबल्लभपुर में किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेष ग्राम चकबंदी अदालत का आयोजन किया गया। इस अदालत में किसानों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिलाने का आश्वासन दिया गया। 1990 में आग में जले अभिलेखों के पुनर्निर्माण की योजना बनाई गई है, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
छिबरामऊ, संवाददाता। क्षेत्र के ग्राम हरिबल्लभपुर उर्फ उधरनपुर में न्याय चला जनता के द्वार की तर्ज पर विशेष ग्राम चकबंदी अदालत का आयोजन किया गया। यहां किसानों की समस्याओं और शिकायतों को सुनकर उनके निस्तारण का भरोसा दिलाया गया। अधिकारियों के मुताबिक शीघ्र ही इस गांव के किसानों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक अभिलेखों के रूप में दिलाया जाएगा। क्षेत्र के ग्राम हरिबल्लभपुर उर्फ उधरनपुर के राजस्व अभिलेख वर्ष 1990 में अन्य 35 ग्राम पंचायतों के साथ फतेहगढ़ स्थित फूस बंगला में लगी रहस्यमयी आग में जलकर राख हो गए थे। उसके पास से इस गांव के लोगों के पास अपनी ही जमीन के मालिकाना हक का कोई भी दस्तावेज नहीं था।
ऐसे में यहां के लोग सरकार की तमाम योजनाओं से वंचित थे। अब शासन स्तर से शुरू की गई विशेष पहल से इस गांव के लोगों में भी अपने मलिकाना हक को लेकर आशा की किरण जगी है। गांव में आयोजित की गई विशेष ग्राम चकबंदी अदालत में अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय कुमार मिश्र ने बताया कि शीतकालीन भ्रमण के दौरान जनचौपाल का आयोजन कर किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही गांव के जले राजस्व अभिलेखों के पुनर्निर्माण की योजना तैयार की गई है। चकबंदी अधिकारी के न्यायालय में किसानों की समस्याओं को सुना जाएगा। इसके बाद गांव के अंतिम अभिलेख तैयार किए जाएंगे। ताकि सभी किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सके। इस दौरान सीओ चकबंदी दिनेशचंद्र शर्मा, एसीओ धनीराम वर्मा, कानूनगो सिपाहीलाल, लेखपाल विजय कुमार व श्रीकांत के अलावा गांव के सुखदेव, अविरल, मनोज कुमार, ओमकार, दिलीप कुमार, रामजी समेत काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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