जल भराव एवं गंदगी बौद्ध नगर की बनी पहचान
Kannauj News - बौद्धनगर की गलियों की हालत बेहद खराब है, जहां नगर पंचायत लाखों रुपए खर्च कर रही है। नालियों का निर्माण तीन साल में दोबारा किया जा रहा है, लेकिन गुणवत्ता की कमी है। जलभराव और गंदगी से छात्रों को चोटें लगती हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नागरिकों की शिकायतों का कोई समाधान नहीं हुआ है।

तिर्वा, संवाददाता। कस्बे में जहां मुख्य मार्गों पर नगर पंचायत के द्वारा लाईट को रोशनी को लगवाने के लिए लाखों रूपए खर्च कर रही है। वहीं बौद्धनगर की गलियां गांव से भी बेबत्तर हैं। कीचड एवं दुर्गंद भरी गलियां बौद्धनगर की पहचान बनती जा रही है। नगर पंचायत द्वारा जहां लाखों की रुपए के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। तीन वर्ष में ही दोबारा नाली बनाई जा रही हैं। जिसमें लाखों रुपए का विकास के रूप में खर्च किया जा रहा है। प्रमुख मार्ग पर तीन वर्ष पहले नालियां बनाई गई थी। उन्हीं नालियों पर अब दोबारा फिर नाली बनाई जा रही है।
बीते हफ्ते स्टेट बैंक के सामने बन रही नाली दो दिनों में ही पलट गई थी। लोगों की मानें, तो नालियों के निर्माण में 1-15 व 1-20 का मसाला लगाया जा रहा है। नालियों के निर्माण में गुणवत्ता को ताख पर रखा गया है। वहीं दूसरी तरफ बौद्धनगर में जलभराव एवं गंदी नालियां पहचान बनी हुई है। पानी की टंकी के पीछे पूरानी तहसील के पास निकलने वाली गलियों में पानी भरा है। जिससे स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं फिसल कर चोटिल होते रहते हैं। गंदी नालियों में जलभराव होने के कारण संक्रमिक रोगों के फैलने की भी आशंका बढ गई है। मोहल्ले के लोगों ने कई बार नालियों के निर्माण के लिए चेयरमैन एवं अधिशाषी अधिकारी से गुहार लगाई है। अभी तक कुछ कार्य नहीं हुआ है। दूसरी तरफ अधिशाषी अधिकारी बबलू कुमार का कहना है कि ऐसी खराब रोडों को जल्द ही प्रस्ताव में लाया जाएगा।
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