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आक्रोशित आउटसोर्स बिजली कर्मचारी आंदोलित, जलाईं कार्यवृत्त की प्रतियां

आक्रोशित आउटसोर्स बिजली कर्मचारी आंदोलित, जलाईं कार्यवृत्त की प्रतियां

संक्षेप:

Kannauj News - कन्नौज में आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन पर अपने आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन का निर्णय लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि छंटनी और अनुबंध न करने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगे पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

Dec 20, 2025 10:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कन्नौज
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कन्नौज। पावर कारपोरेशन प्रबंधन पर अपने ही आदेशों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगा आक्रोशित आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों ने एक बार फिर आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि पावर कारपोरेशन ने 15 मई 2017 के आदेश का उल्लंघन करते हुए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य में तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी की है, जिससे कर्मियों में असंतोष बढ़ गया है। इसके तहत प्रदेश संगठन के आवाहन पर शनिवार को जिले के सभी बिजली उपकेंद्रों पर कर्मचारियों ने कार्यवृत्त की प्रतियां जलाईं। प्रदर्शन करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि छंटनी के बाद मानक तय करने के लिए एक समिति का गठन किया गया था, लेकिन समिति की रिपोर्ट आने से पहले ही पूर्वांचल डिस्कॉम में कर्मचारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

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इतना ही नहीं, 18 सितंबर 2025 को जारी आदेश के बावजूद कर्मचारियों से कार्य के अनुरूप अनुबंध नहीं किए गए और न ही 18,000 न्यूनतम वेतन निर्धारित किया गया। संगठन का कहना है कि मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को अब तक पुनः कार्य पर नहीं लिया गया है, जिससे अनेक परिवारों के समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले आउटसोर्स कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। इलाज में खर्च की गई राशि का भुगतान भी संविदाकारों के बिल से नहीं कराया गया, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर अनुभवी कर्मचारियों को हटाए जाने पर भी संगठन ने कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने वर्टिकल व्यवस्था लागू करने, जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के बावजूद भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई न होने, मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन न दिए जाने और स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में कर्मचारियों को हटाने की आशंका को लेकर भी गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। कर्मचारियों का कहना है कि ये सभी निर्णय श्रमिक हितों के विपरीत हैं और इससे विभागीय कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। इन सभी मांगों और समस्याओं को लेकर संगठन द्वारा 26 नवंबर 2025 को शक्ति भवन, लखनऊ में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया था। प्रशासन की मध्यस्थता से पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और संगठन पदाधिकारियों के बीच बैठक भी हुई, जिसमें सहमति बनने का दावा किया गया। हालांकि अब तक उस बैठक का कार्यवृत्त जारी नहीं किया गया है। इससे नाराज संगठन ने 20 दिसंबर 2025 से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।