जान का खतरा बता कराया आपरेशन, अस्पताल संचालक समेत पांच पर केस

जान का खतरा बता कराया आपरेशन, अस्पताल संचालक समेत पांच पर केस

संक्षेप:

Kannauj News - कन्नौज। जच्चा बच्चा की जान का खतरा बताकर आपरेशन से प्रसव करा दिया गया। वहीं इस दौरान चिकित्सकों की लापरवाही से मां व नवजात बच्ची की हालत बिगड़ गई। मामल

Dec 10, 2025 08:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कन्नौज
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कन्नौज,संवाददाता। जच्चा बच्चा की जान का खतरा बताकर ऑपरेशन से प्रसव करा दिया गया। वहीं इस दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से मां व नवजात बच्ची की हालत बिगड़ गई। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बुधवार को अस्पताल संचालक व उसके भाई समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। दरअसल पूरा मामला जिला मुख्यालय पर जीटी रोड स्थित विक्रान्ता हास्पिटल का है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मानपुर गांव निवासी अंकित कुमार कटियार पुत्र रमाकान्त कटियार ने अस्पताल संचालक दिनेश कटियार, मुकेश कटियार व चिकित्सक समेत स्टाफ नर्स पर आरोप लगाते हुये न्यायालय में गुहार लगाई है।

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आरोप है कि, 7 दिसम्बर 2023 की शाम अंकित की पत्नी श्रेया उर्फ सोनी अपनी बड़ी बहन आशा के साथ सरायमीरा जीटी रोड बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में गर्भ की जांच कराने गई थी। जहां मौजूद आरोग्य चिकित्सक ने उसकी जांच की और जच्चा-बच्चा की जान का खतरा बता कर उसे डरा दिया। अस्पताल स्टाफ ने तुरन्त ऑपरेशन से प्रसव करवाने का दबाव बनाते हुये श्रेया को भर्ती कर लिया और 28 हजार रुपये जमा करवाने की बात कही। आरोग्य चिकित्सक ने आपरेशन से प्रसव करवा दिया। श्रेया ने एक पुत्री को जन्म दिया। इस दौरान डाक्टर व स्टाफ की लापरवाही के चलते नवजात बच्ची की हालत बिगड़ गई। बच्ची को कानपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया। आपरेशन के बाद श्रेया की भी हालत बिगड़ गई। अस्पताल संचालक दिनेश कटियार से शिकायत करने पर उसने एक न सुनी। अन्त में पीड़ित ने अपनी पत्नी को कानपुर में भर्ती करवाया। जहां तकरीबन 10 लाख रुपये खर्च हो गए। अस्पताल संचालक दिनेश कटियार व उसके भाई मुकेश कटियार के खिलाफ पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर दी। बावजूद इसके पुलिस ने उसकी एक न सुनी अन्त में उसने न्यायालय की शरण ली है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। महिला की मौत के मामले में डाक्टर और स्टाफ के दर्ज हुए बयान कन्नौज। शहर के मोहल्ला अलाउद्दीनपुर निवासी विक्रम कुशवाहा ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कन्नौज, संयुक्त जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज कन्नौज के चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। आरोप था कि 11 अक्टूबर को उसकी पत्नी मोनी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी लगातार बिगड़ती हालत के बावजूद किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज उचित इलाज नहीं मिल पाया। जिससे उसकी मौत हो गई थी। मामले में डॉक्टर की गैरहाज़िरी की बात भी कही जा रही थी। मामले की जांच के लिए संबंधित चिकित्सकों के बयान दर्ज किए जाने थे। इसके लिए बुधवार को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आंचल सिंह और उस समय ड्यूटी पर मौजूद अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को अधिकारी कार्यालय में बुलाया गया। सभी ने सीएमओ कार्यालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ अमिता पटेरिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इसी के तहत डाक्टर आंचल सिंह सहित स्टाफ ने कार्यालय आकर अपना बयान दर्ज कराया है। स्टाफ ने बताया है कि मामले में कोई लापरवाही नहीं हुई थी मरीज को जरूरी इलाज दिया गया था।