मकर संक्रांति पर गंगा तटों से आश्रमों तक आस्था की धारा
Kannauj News - गुगरापुर और मिरगावां क्षेत्र में मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और पूजा-अर्चना की। कड़ाके की ठंड में भी लोगों ने खिचड़ी का वितरण किया और सेवा कार्यों में भाग लिया। क्षेत्र में 'जय गंगा मैया' के जयकारों के साथ सभी ने मिलकर पर्व की परंपरा को जीवित रखा।

गुगरापुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गुगरापुर और मिरगावां क्षेत्र में श्रद्धा, परंपरा और सेवा का व्यापक नजारा देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालु जलेसर, चियासर और खरगापुर की ओर गंगा स्नान के लिए उमड़ पड़े। सुबह से ही वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। गंगा तटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया, देव विग्रहों का पूजन किया और पूज्य स्थलों के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। जलेसर क्षेत्र में भगवान शंकर, दुर्गा माता, गंगा मैया और हनुमान जी के मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ संत महापुरुषों के प्रवचन हुए। पर्व के अवसर पर खिचड़ी, अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान भी श्रद्धालुओं ने किया।
सेवा कार्यों में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। देव दरबार आश्रम में बड़े भइया उर्फ देव नारायण, मुख्य सेवादार निर्भय नारायण व जीवेन्द्र नारायण के नेतृत्व में खिचड़ी वितरण किया गया। युवाओं ने खिचड़ी वितरण में किया सहयोग मिरगावां हाईवे अंडरपास पर सर्वेश जोशी और जीटी रोड पर समाजसेवी मोहन लाल पाठक उर्फ पिंटू ने सहयोगियों के साथ श्रद्धालुओं को खिचड़ी वितरित की। वितरण कार्य में श्लोक, बंगाली, हर्ष पाठक, देव गुप्ता, गौरव पाठक सहित कई युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कोतवाली गुरसहायगंज और चौकी पुलिस मुस्तैद रही। पूरे क्षेत्र में “जय गंगा मैया” और “जय भोले” के जयघोष गूंजते रहे। खिचड़ी भंडारों ने न केवल पर्व की परंपरा को जीवंत किया, बल्कि ठंड से परेशान लोगों को राहत भी पहुंचाई।

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