
लम्पी वायरस जैसे लक्षणों से पीडि़त हैं कई मवेशी
संक्षेप: Kannauj News - सिकंदरपुर के लोहिया नगर में ठाकुर सुनील सिंह की छह माह की गाय की बछिया में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) के लक्षण दिखने से हड़कंप मच गया है। बछिया की हालत गंभीर है और आसपास के पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। पशुपालक अब विभाग से तत्काल सहायता और वैक्सीनेशन कैंप की मांग कर रहे हैं।
सिकंदरपुर, संवाददाता। नगर पंचायत के लोहिया नगर में रहने वाले ठाकुर सुनील सिंह के घर में अफरा-तफरी मच गई है। उनकी छह माह की गाय की बछिया के शरीर पर लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) जैसे भयावह लक्षण नजर आने लगे हैं। जगह-जगह गांठें और थोड़े से निशान उभर आए हैं, साथ ही 104 डिग्री फीवर ने बछिया की हालत गंभीर बना दी है। घबराए सुनील ने तुरंत पशुपालन विभाग की हेल्पलाइन 1962 पर कॉल कर मदद मांगी। डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया, लेकिन आसपास के पशुपालकों में खलबली मच गई है। सुनील सिंह ने बताया कि यह वायरस बेहद खतरनाक है।

एक बार चपेट में आ गया तो जानवर की हालत पलट जाती है। दूध उत्पादन रुक जाता है, सांस लेने में तकलीफ होती है और अगर समय रहते इलाज न हो तो मौत तक हो सकती है। लम्पी वायरस, जिसे गांठदार त्वचा रोग भी कहते हैं, अफ्रीकी कैप्रीपॉक्स वायरस से फैलता है। मच्छर, मक्खी या संक्रमित चारे से तेजी से फैलने वाला यह संक्रमण गाय-भैंसों को सबसे ज्यादा निशाना बनाता है। लक्षणों में बुखार, आंख-नाक से पानी आना, मुंह से लार टपकना और त्वचा पर गांठें शामिल हैं। इसी इलाके में कृष्ण पब्लिक स्कूल के पास रहने वाले सुशील यादव की गाय को भी इसी तरह के लक्षण दिख रहे हैं। सुशील ने कहा कि शरीर पर लाल चकत्ते और कमजोरी ने चिंता बढ़ा दी है। विडंबना यह कि स्थानीय पशु चिकित्सालय की ओर से अब तक कोई जागरूकता कैंप या वैक्सीनेशन ड्राइव नहीं चलाई गई। पशुपालक अब विभाग से तत्काल सहायता की गुहार लगा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एलएसडी का कोई सीधा इलाज नहीं है, लेकिन लम्पी-प्रोवैक वाक्सीन 100 प्रतिशत सुरक्षा देती है। संक्रमित पशु को अलग रखें, साफ-सफाई बनाए रखें और एंटीबायोटिक्स से माध्यमिक संक्रमण रोकें। आयुर्वेदिक उपाय जैसे हल्दी-नीम का लेप भी सहायक हो सकता है। इस संबंध में उपमुख पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.नेम कुमार शाक्य ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है, शीघ्र ही पशुपालकों के पास दवा उपलब्ध कराई जाएगी। पशुपालकों की मांग है कि सिकंदरपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में तुरंत वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाएं, वरना यह महामारी रूप ले सकती है। समय रहते सतर्कता ही जानवरों की रक्षा करेगी।

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