
टास्क फोर्स की बैठक में बाल श्रम उन्मूलन और पुनर्वास पर चर्चा
Kannauj News - - 2027 तक बाल श्रम मुक्ति को जिला टास्क फोर्स की बैठक में सख्त निर्देशकन्नौज। जिला टास्क फोर्स की बैठक में बाल श्रम उन्मूलन और पुनर्वास को लेकर महत्वप
कन्नौज। जिला टास्क फोर्स की बैठक में बाल श्रम उन्मूलन और पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी को निरंतर निरीक्षण करने, चिन्हित बच्चों और किशोरों के परिवारों को आर्थिक पुनर्वास और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री द्वारा दिसंबर 2027 तक पूरे प्रदेश को बाल श्रम मुक्त करने का संकल्प लिया गया है, जिसे पूरा करने के लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ गैर सरकारी संगठनों, नियोक्ता संगठनों, व्यापार मंडलों और ट्रेड यूनियनों के सहयोग की आवश्यकता है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में ईंट भट्ठों, कार-बाइक रिपेयरिंग शॉप, होटल-ढाबों तथा कन्नौज, तिर्वा, गुरसहायगंज और छिबरामऊ की दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बाल श्रम के संभावित हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है।

इसके अलावा कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बाल श्रमिकों के कार्यरत होने की आशंका है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बच्चों के माता-पिता भट्ठों या अन्य प्रतिष्ठानों में कार्य करते हैं और वे स्कूल नहीं जाते, उन्हें विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया जाए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रमिकों को कार्य से मुक्त कर स्कूल में दाखिला दिलाना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से स्वयं एक-एक बाल श्रमिक को गोद लेकर उनका स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने की अपील की। उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने में सक्रिय सहयोग दें। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर वैशाली, एसडीएम छिबरामऊ और तिर्वा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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