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 तेजी नहीं पकड़ पा रही धान खरीद, अधिकतर केंद्रो पर सन्नाटा

तेजी नहीं पकड़ पा रही धान खरीद, अधिकतर केंद्रो पर सन्नाटा

संक्षेप: Kannauj News - कन्नौज में 1 नवंबर से धान खरीद केंद्र खोले गए हैं, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर किसान नहीं पहुंच रहे हैं। 16 नवंबर तक केवल 75 किसानों से 479.12 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है, जो लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम है। प्रशासन का समर्थन मूल्य पर खरीद का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहा है।

Mon, 17 Nov 2025 08:04 PMNewswrap हिन्दुस्तान, कन्नौज
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फोटो 25 - शहर की मंडी समिति में बने खरीद केंद्र पर रखा धान कन्नौज। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 1 नवंबर से धान खरीद केंद्र खोल दिए गए हैं, लेकिन स्थिति यह है कि शुरूआती दिनों से लेकर अब तक अधिकांश केंद्रों पर किसान नहीं पहुंच रहे। केंद्र खुले हैं, कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहता है। प्रशासन भले ही समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर बड़े दावे कर रहा हो, मगर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है। 16 नवंबर तक मात्र 75 किसानों से 479.12 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।जिले

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में कुल 22 खरीद केंद्र संचालित किए गए हैं, जिनमें खाद्य विभाग के 16, पीसीएफ के 5 और एफसीआई का एक केंद्र शामिल है। इसके बावजूद धान खरीद की रफ्तार बेहद धीमी है। जिले को दिए गए 30 हजार मीट्रिक टन धान खरीद के लक्ष्य के सामने मौजूदा खरीद नगण्य है। पीसीएफ के अधीन ठठिया मंडी, छिबरामऊ मंडी, सकरा प्रथम, सकरावा द्वितीय और ग्याशपुर द्वितीय जैसे प्रमुख केंद्र अब तक एक भी दाना धान नहीं खरीद पाए हैं। यही हाल पैक्स के प्रेमपुर, छिबरामऊ, सौरिख और सकरावा केंद्रों का है, जबकि एफसीआई का उमर्दा केंद्र भी पूरी तरह खाली पड़ा है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अनूप कुमार श्रीवास्तव के अनुसार समर्थन मूल्य धान कामन के लिए 2309 रुपये और ग्रेड-ए के लिए 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। इसके बावजूद किसानों की आमद उम्मीद के मुताबिक नहीं है। जिले में 697 किसानों ने पंजीकरण कराया था, मगर इनमें से 366 का ही सत्यापन हो सका है। 16 नवंबर तक मात्र 75 किसानों से 479.12 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है, जो लक्ष्य की तुलना में बहुत कम है।