
कोडीन युक्त सीरप खरीदने वाले कुछ और मेडिकल स्टोर जांच के राडार पर
संक्षेप: Kannauj News - कन्नौज में कोडीन युक्त सीरप की बिक्री को लेकर औषधि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जांच में एक दवा फर्म का नाम सामने आया है, जिसने लगभग 5000 सीरप बेचे थे। विभाग ने फर्म से पिछले दो वर्षों का बिक्री रिकॉर्ड मांगा है और मेडिकल स्टोरों की भी जांच की जा रही है।
कन्नौज, संवाददाता। जिले में कोडीन युक्त सीरप की बिक्री को लेकर औषधि प्रशासन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। बीते दिनों हुई जांच-पड़ताल में शहर के एक दवा फर्म का नाम सामने आने के बाद विभाग ने उस पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह सामने आया कि उक्त फर्म से करीब पांच हजार कोडीन युक्त सीरप की खरीद की गई थी। जिनमें से लगभग दो हजार सीरप पहले ही बाजार में बिक्री हो चुके हैं। यह मामला सामने आने के बाद औषधि प्रशासन विभाग ने फर्म से दो वर्षों की खरीद और बिक्री का पूरा ब्यौरा मांगा था।

प्रारंभिक रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के करीब आठ मेडिकल स्टोरों को इस फर्म से कोडीन युक्त सीरप की आपूर्ति की गई थी। औषधि निरीक्षक डॉ. परमेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि फर्म द्वारा जमा कराए गए रिकार्ड की गहन जांच की जा रही है। अब विभाग की टीम इन सभी मेडिकल स्टोरों की भी जांच पड़ताल करने की तैयारी में है। टीम इन स्टोरों से खरीद-बिक्री के दस्तावेज मांग रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दवा का वितरण नियमानुसार हुआ या कहीं इसका दुरुपयोग तो नहीं किया गया। बता दें कि जब 30 अक्तूबर को औषधि निरीक्षक जब फर्म पर जांच के लिए पहुंचे तो फर्म संचालक मौके पर पूरा रिकार्ड प्रस्तुत नहीं कर सके। केवल एक वर्ष अर्थात वर्ष 2025 का ही खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज दिखाए गए। इसके बाद विभाग ने नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर सारे रिकार्ड जमा कराने का आदेश दिया था। निर्धारित समयावधि के आखिरी दिन शुक्रवार को फर्म संचालक ने औषधि प्रशासन को सभी दस्तावेज मुहैया कराए हैं। अब विभाग की जांच टीम यह मिलान कर रही है कि प्रस्तुत किए गए आंकड़े वास्तविक हैं या नहीं और बिक्री की मात्रा नियमानुसार है या नहीं। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान विभाग उन मेडिकल स्टोरों की गतिविधियों पर भी नजर रखेगा जिनसे पूर्व में नशीले या प्रतिबंधित औषधियों की बिक्री से जुड़े मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। औषधि प्रशासन का कहना है कि यदि किसी भी मेडिकल स्टोर या दवा फर्म की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उसके खिलाफ औषधि अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। रिकार्ड दुरुस्त करने में जुटे मेडिकल कारोबारी जिले में कोडीन युक्त सीरप की बिक्री को लेकर अचानक बढ़ी इस सख्ती से मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। कई संचालक अपने रिकार्ड दुरुस्त करने में जुट गए हैं ताकि जांच के दौरान किसी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि जिले में नशे के दुरुपयोग पर लगाम लगाना है। कोट शुक्रवार को फर्म संचालक ने औषधि प्रशासन को सभी दस्तावेज मुहैया कराए हैं। अब इनकी जांच पड़ताल की जा रही है। अगर जांच में रिकार्ड गलत हुए या दी गई जानकारियां सही नहीं पाई गईं तो कार्रवाई होगी। इसके अलावा कुछ और मेडिकल स्टोरों के नाम भी संज्ञान में आए हैं इनकी जांच भी की जाएगी। - डॉ. परमेश कुमार द्विवेदी औषधि निरीक्षक

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