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20 जनवरी, 2021|9:40|IST

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कान्हा ने अमृत किया यमुना का पानी, नटखटपन देख मोहित हुए श्रद्धालु

कान्हा ने अमृत किया यमुना का पानी, नटखटपन देख मोहित हुए श्रद्धालु

कन्नौज। हिन्दुस्तान संवाद

इत्रनगरी के अजयपाल मोहल्ला स्थित लाला कुंज बिहारी लाल शंकर सहाय धर्मशाला में चल रहे श्रीसात्विक विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कान्हा की बाल लीलाओं की धूम रही। भक्तों ने पुष्प वर्षा के साथ भजनों पर जमकर नृत्य किया। कथा व्यास सुधीर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाकर भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

शुक्रवार को श्रीसात्विक विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन पंडाल में कथा का रसपान करने श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी। यहां आचार्य सुधीर जी महाराज ने कान्हा की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण यमुना के किनारे अपने सखाओं के साथ खेल रहे थे। खेलते समय उनकी गेंद यमुना में चली गई। इसे देख कर सभी सखा दुरुखी हो गए। कालिया नाग के भय से कोई यमुना के किनारे भी नहीं जाता था। कालिया नाग के विष से सारी यमुना का पानी जहरीला हो गया था। गेंद निकालने गए कृष्ण यमुना में छलांग लगा दी। यह नजारा देखकर उनके बाल सखा भयभीत हो गए और उन्होंने जैसे ही कालिया नाग भगवान की तरफ काटने की कोशिश की तो भगवन ने उसका सिर कुचल दिया और नाथ कर बाहर निकलकर यमुना के पानी को अमृत कर दिया। आचार्य ने मखान चोरी के साथ भगवान के नटखटपन की कई लीलाओं का रसपान कराया। कथा के दौरान भगवान को छप्पन भोग लगाया गया। मटकी फोड़ने के साथ कई झांकी भी पेश की गई। जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र रहीं। इस दौरान रामजी अग्रवाल, प्रेमचन्द्र साह, राजेश वैश्य रज्जू, प्रदीप शंकर वैश्य, संजय साह, राजन वैश्य, राजेश दुबे, दिनेश पालीवाल, मुकेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में भक्त रहे।

यज्ञ बनाता वातावरण को पवित्र

श्रीसात्विक विष्णु महायज्ञ के यज्ञाचार्य करूणा शंकर पांडेय ने शुक्रवार को अपनी मंडली के साथ मंत्रोच्चारण के बीच हवन में आहुतियां डलवाई। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वातावरण पवित्र होता है। इससे अन्न की कमी, शारीरिक व्याधियां दूर होती हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर पुण्य कमाया।

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  • Web Title:Kanha immortalized the water of Yamuna devotees were fascinated by the naughtyness