तबादला निरस्त होते ही फिर चर्चाओं में आए जेल वार्डर

हिन्दुस्तान, कन्नौज
Follow us on Google News
share

जलालाबाद के जिला कारागार अनौगी में तीन जेल वार्डरों के तबादले निरस्त होने के बाद चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। यह मामला दो बंदियों के फरार होने की घटना से जुड़ा है, जिसके बाद कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। अब इन वार्डरों के तबादले निरस्त कर दिए गए हैं।

तबादला निरस्त होते ही फिर चर्चाओं में आए जेल वार्डर

जलालाबाद, संवाददाता। जिला कारागार अनौगी में तीन जेल वार्डरों के स्थानांतरण निरस्त होने के बाद कारागार परिसर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। करीब पंद्रह दिन पहले विभागीय कार्रवाई के तहत जिन कर्मियों का गैर जनपद तबादला किया गया था, उनमें राहुल चौधरी, कपिल कुमार शर्मा और सोनू त्यागी शामिल थे। अब उप महानिरीक्षक कारागार प्रदीप गुप्ता के आदेश पर इन तीनों के तबादले निरस्त कर दिए गए हैं। मामला चार जनवरी को जिला कारागार में आयोजित जश्न पार्टी के दौरान दो बंदियों के फरार होने की घटना से जुड़ा है। घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया था। जांच के दौरान तत्कालीन जेल अधीक्षक भीम सेन मुकुंद समेत कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विभागीय जांच लगातार जारी रही और 15 मई को कई जेल कर्मियों के तबादले कर दिए गए थे। हालांकि 27 मई को जारी नए आदेश में तीनों जेल वार्डरों को राहत दे दी गई। प्रभारी जेल अधीक्षक सूबेदार यादव ने बताया कि कनिष्ठ सहायक सुनील कुमार द्वारा सूचना अंकित करने में त्रुटि हो गई थी। साथ ही जेल में वार्डरों की कमी को देखते हुए स्थानांतरण निरस्त किया गया है। इधर जेल सूत्रों की मानें तो राहुल चौधरी का तबादला रुकने को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं हैं। सूत्रों का कहना है कि वह पूर्व में निलंबित जेल अधीक्षक के करीबी माने जाते रहे हैं और उनकी ड्यूटी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। बताया जाता है कि मई माह में मेनवाल जैसे संवेदनशील स्थल पर ड्यूटी के दौरान वह कुछ समय के लिए जेल परिसर से बाहर चले गए थे। इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उनका तबादला किया गया था, लेकिन अब आदेश निरस्त होने से कर्मचारियों के बीच चर्चाएं और तेज हो गई हैं.

फरारी कांड के बाद से घेरे में है जिला कारागार

चार जनवरी को जिला कारागार में आयोजित जश्न पार्टी के दौरान दो बंदियों के फरार होने की घटना ने पूरे कारागार विभाग को झकझोर दिया था। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। जांच में लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन जेल अधीक्षक भीम सेन मुकुंद समेत कई कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई थी। इसके बाद जेल प्रशासन में लगातार फेरबदल और जांच का दौर चल रहा है। ऐसे माहौल में जिन वार्डरों का तबादला किया गया था, उनका आदेश निरस्त होने से विभाग के भीतर नई चर्चाओं ने जन्म ले लिया है।

सामान्य प्रश्न

जेल वार्डरों के तबादले क्यों निरस्त किए गए?
जेल वार्डरों के तबादले निरस्त करने का कारण वार्डरों की कमी और सूचना अंकित करने में त्रुटि बताई गई है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।