सर्दी की दस्तक के साथ ही वायरल और बुखार ने जकड़ा, ओपीडी 1200 के पार

सर्दी की दस्तक के साथ ही वायरल और बुखार ने जकड़ा, ओपीडी 1200 के पार

संक्षेप:

Kannauj News - कन्नौज में सर्दी की शुरुआत के साथ वायरल फीवर और बुखार के मामलों में वृद्धि हुई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 620 से अधिक मरीज पहुंचे। मौसम में बदलाव और जलभराव से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सकों ने मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर बच्चों के लिए।

Nov 10, 2025 11:00 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कन्नौज
share

कन्नौज। सर्दी की दस्तक के साथ ही वायरल फीवर और बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 620 से अधिक मरीज पहुंचे। इसमें अधिकतर वायरल और बुखार के लक्षणों के साथ पहुंचे थे। जबकि करीब इतने ही पुराने मरीज भी अपना इलाज कराने पहुंचे थे। कुल मिलाकर ओपीडी 1200 के पार हो गई। बता दें कि रात और सुबह के तापमान में गिरावट और दिन में धूप निकलने से मौसमी बदलाव देखा जा रहा है। इस मौसमी बदलाव के साथ ही शहर और देहात के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यह स्थिति संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे को और बढ़ा रही है।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. बी पी पपने ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। मौसम में गुनगुनी ठंड होने से ठंड व गर्म दोनों का अहसास हो रहा है। मौसम में बदलाव होने से लोग सर्दी खांसी बुखार के साथ-साथ पेट दर्द व दस्त की बीमारी की चपेट में हैं। चिकित्सकों को राय है कि मौसम के बदलाव होने पर सतर्कता बरतने से ही बीमारी से बचा जा सकता है। बदलाव वाले मौसम में लापरवाही करना ही बीमारी की ओर संकेत रहा है। बच्चों को गुनगुने पानी से स्नान कराएं। इसके अलावा हल्का वस्त्र पहनकर सुबह-शाम टहलना खानपान में ठंडी सामग्री का सेवन करना चच्चों को खेलने के लिए फर्श पर छोड़ना मौसमी बीमारी का बड़ा कारण बना है। इसके अलावा स्कूल जाने वाले बच्चों को सुबह के समय ठंडे पानी से स्नान करा देना भी बीमारी का कारण है। इसे लेकर सभी को सतर्क व अलर्ट होने की जरूरत है। मौसम को लेकर छोटी-छोटी चीजों पर अगर ध्यान दिया जाए तो बीमारी से बचा जा सकता है। खासकर बच्चों को लेकर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। चिकित्सक ने बताया कि वाहन चलाते समय विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। चार पहिया वाहन से यात्रा कर सो हैं तो एसी को बिल्कुल भी न चलाएं। शीशा बंद रहने से अगर गर्मी का जरा भी एहसास होता है तो शीशे को थोड़ा नीचे करके रखें।