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कन्नौजकहीं अपने विभाग को बचाने में तो नहीं लगा परिवहन विभाग

हिन्दुस्तान टीम,कन्नौजPublished By: Newswrap
Sat, 12 Jun 2021 04:40 AM
कहीं अपने विभाग को बचाने में तो नहीं लगा परिवहन विभाग

सौरिख। संवाददाता

दो साझेदारों के बीच लेनदेन के विवाद को लेकर एक्सप्रेस-वे पर यूपीडा कर्मियों ने एक बस को पकड़ा था। जांच पड़ताल में फर्जी कागज मिले थे। इसके अलावा कई अन्य तमाम खामियां बस में पाई गई थी। इसको लेकर बस को सीज कर दिया गया था, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी या बस संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। इससे ऐसा लगता है कि परिवहन विभाग अपने ही विभागीय अधिकारियों को बचाने में लगा है।

दिल्ली से सवारियां भरकर तिर्वा जा रही डग्गामार बस को एक्सप्रेस-वे पर पांच जून की सुबह उस समय यूपीडा के अधिकारियों ने पकड़ा था, जब यह बस रांग साइड में फर्राटा भर रही थी। सूचना पर पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उस समय जो जांच की गई, उसमें बस के सभी प्रपत्र फर्जी पाए गए थे। यहां तक कि फिटनेस और प्रदूषण कार्ड के साथ परमिट भी अवैध मिला था। यहां तक 42 सीटर बस की जगह 52 सीटर बस पकड़ी गई थी। बस के ड्राइवर ने जो कागजात दिखाए थे। वह दूसरी बस के पाए गए थे। जांच के दौरान अधिकारी ने पकड़ी गई बस का लगभग 18 हजार का चालान काटा था। यदि कागजातों के मुताबिक बस दूसरी है, तो अभी तक परिवहन विभाग फर्रुखाबाद से बस का फिटनेस परमिट कैसे बनता रहा। इस तरह के तमाम अनसुलझे प्रश्न हैं, जिनका जवाब किसी भी अधिकारी के पास नहीं है। लगभग एक सप्ताह के समय गुजर गया, लेकिन अभी तक किसी भी तरह की कोई कार्रवाई न होना स्पष्ट करता है कि अपने ही विभाग को बचाने में परिवहन विभाग के अधिकारी मशक्कत कर रहे हैं।

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