गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने का दिलाया संकल्प

हिन्दुस्तान, कन्नौज
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छिबरामऊ। कन्नौज से फर्रुखाबाद जाते समय गौरक्षा यात्रा पर निकले जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। उन्होंने सरकार से गौसंरक्षण और गौमाता के सम्मान के लिए संकल्प लेने की भी अपील की।

गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने का दिलाया संकल्प

छिबरामऊ। कन्नौज से फर्रुखाबाद जाते समय गौरक्षा यात्रा पर निकले जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का नगर के फर्रुखाबाद चौराहे पर स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गौभक्त मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने उपस्थित लोगों को गौसंरक्षण और गौमाता के सम्मान के लिए संकल्प भी दिलाया।

शंकराचार्य की मांग

शंकराचार्य ने कहा कि देशभर में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग लगातार उठाई जा रही है और इस संबंध में सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा।

विवाद की उत्पत्ति

शंकराचार्य ने प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि परिस्थितियों के चलते उन्हें पाल चौराहे पर सडक़ किनारे रात्रि विश्राम करना पड़ा।

भाजपा पर सपा का हमला

भाजपा सरकार पर लगाया संतों के अपमान का आरोप। सपा नेताओं का आरोप है कि जिस प्रकार शंकराचार्य महाराजजी को मार्ग में रोका गया और कार्यक्रम से जुड़े लोगों पर प्रशासनिक दबाव बनाया गया, वह अत्यंत निंदनीय है तथा इससे भाजपा का दोहरा चरित्र उजागर होता है।

आम सवाल

शंकराचार्य ने किसे राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की?
शंकराचार्य ने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग की।
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