
पर्चा 23 का किसानों ने किया विरोध, चकबंदी निरस्त करने की उठी मांग
Kannauj News - चकबंदी प्रक्रिया के तहत पर्चा 23 के वितरण को लेकर बुधवार को किसानों ने जोरदार विरोध दर्ज किया। भारतीय स्टेट बैंक के पास सुबह करीब 12 बजे चकबंदी अधिका
जलालाबाद। भारतीय स्टेट बैंक के पास चकबंदी अधिकारी किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे और उन्हें पर्चा 23 लेने के लिए कहा, लेकिन अधिकांश किसानों ने इसे लेने से साफ इनकार कर दिया। विरोध बढ़ता देख अधिकारियों ने किसानों को समझाने की काफी कोशिश की। बातचीत के दौरान केवल दो–तीन किसानों ने पर्चा लिया। जबकि बड़ी संख्या में किसान बिना पर्चा लिए ही वापस चले गए। किसानों का साफ कहना था कि वे चकबंदी नहीं चाहते और पूरी प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए। किसानों ब्रजेश कुमार और ओमप्रकाश ने कहा कि चकबंदी के कारण जमीनों की कटौती हो रही है। जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उनका आरोप था कि कटौती में मनमानी की जा रही है और उनकी बेशकीमती भूमि प्रभावित हो रही है। इसी नाराज़गी के चलते किसानों ने सामूहिक रूप से पर्चा 23 के बहिष्कार की घोषणा कर दी। विरोध स्थल पर किसान छोटे वर्मा, अरविंद कुमार, सचिन मिश्रा, आशीष कुमार तिवारी, अमन तिवारी, ब्रजनंदन लाल, नन्हे वर्मा, बबलू, गुड्डू सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे। किसानों का कहना था कि जब तक चकबंदी प्रक्रिया को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक वे किसी भी प्रकार के दस्तावेज़ नहीं लेंगे। उधर, चकबंदी अधिकारी सियाराम शर्मा, कानूनगो प्रवीन कुमार और लेखपाल अनुरुद्ध कुमार देर शाम तक कस्बे में डटे रहे। कई किसानों ने आपत्तियों के बीच पर्चा ले भी लिया, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों ने इसका बहिष्कार जारी रखा। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास तो किया। अधिकांश किसान अपने रुख पर अडिग रहे। स्थिति को देखते हुए चकबंदी प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र में असंतोष और अधिक गहरा होता दिखाई दे रहा है।

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