ईद-उल-अजहा पर अमन-चैन और भाईचारे की मांगी दुआ
कन्नौज में ईद-उल-अजहा का पर्व उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। हजारों लोगों ने नमाज अदा की और एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी। उलेमाओं ने हजरत इब्राहिम की कुर्बानी का संदेश दिया। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित किया। बच्चों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
कन्नौज, संवाददाता। त्याग, समर्पण और कुर्बानी का पर्व ईद-उल-अजहा गुरुवार को जिलेभर में उत्साह के साथ मनाया गया। शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक ईदगाहों व मस्जिदों में हजारों लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। शहर के हाजीगंज ईदगाह समेत विभिन्न स्थानों पर सुबह से नमाज का सिलसिला शुरू हुआ। बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। मेले में खिलौने, गुब्बारे और मिठाइयों की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं। उलेमाओं ने हजरत इब्राहिम की कुर्बानी को इंसानियत और सच्चाई का संदेश बताते हुए लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
शहर समेत छिबरामऊ, तालग्राम, गुरसहायगंज, सौरिख, मानीमऊ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईदगाहों पर भारी भीड़ उमड़ी। नमाज के बाद कुर्बानी का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिलेभर में पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा। डीएम, एसपी समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.
छिबरामऊ में ईदगाहों पर उमड़ी भीड़, मांगी खुशहाली की दुआ
ईद-उल-अजहा का पर्व नगर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। फर्रुखाबाद रोड स्थित ईदगाह में मौलाना सैय्यद फुरकान ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद मुल्क में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। मौलाना ने तकरीर में कहा कि अल्लाह की राह में दी गई कुर्बानी इंसान को त्याग और समर्पण का संदेश देती है। नगर की जामा मस्जिद और बिरतिया स्थित एकमीनारा मस्जिद में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। सौरिख की झंडा ईदगाह में हाफिज रेहान साहब, राजापुर बंबा वाली ईदगाह में मौलाना खालिद और खेरे वाली मस्जिद में मौलाना मो. मेंहदी कानपुरी ने नमाज अदा कराई। चपुन्ना क्षेत्र की साही मस्जिद में मौलाना शाहिद रजा ने नमाज पढ़ाई। सुरक्षा व्यवस्था के तहत एसपी विनोद कुमार, एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी, सीओ सुरेश कुमार, कोतवाल कपिल दुबे और ईओ सुनील कुमार सिंह पुलिस व पीएसी बल के साथ मुस्तैद रहे। नमाज के बाद लोगों ने गले मिलकर भाईचारे का संदेश दिया.
त्याग और समर्पण का संदेश देती है बकरीद : मौलाना नईम
कस्बा तालग्राम में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। ईदगाह में पेश इमाम मौलाना नईम अख्तर हस्मती ने ईद की नमाज अदा कराई और मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ कराई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। नमाज से पहले मौलाना नईम अख्तर हस्मती ने खिताब करते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की रजा के लिए अपने बेटे की कुर्बानी देने का संकल्प लिया था, उसी परंपरा को आज भी मुसलमान निभाते हैं। ईदगाह परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात रहा और ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। इस दौरान चेयरमैन मोहसिन खान उर्फ जानू, थाना प्रभारी विनय शर्मा, हाजी इश्तियाक अली इदरीसी, हाजी रईश अहमद, हाजी कमरुद्दीन मंसूरी, हाजी इरशाद अली समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे.
गुरसहायगंज में भाईचारे के साथ मनाई गई बकरीद
ईद-उल-अजहा का पर्व गुरुवार को कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के साथ मनाया गया। मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज अदा कर मुल्क और कौम की सलामती के लिए दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। त्योहार को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह दिखाई दिया। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तानों में पहुंचे और अपने बुजुर्गों व परिजनों की मजारों पर फूल चढ़ाकर फातिहा पढ़ी। इसके बाद घरों में हजरत इस्माइल अलैहिस्सलाम की सुन्नत के रूप में कुर्बानी दी गई और मांस गरीबों व जरूरतमंदों में बांटकर खुशी मनाई गई। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल गश्त करता रहा और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी गई.
मानीमऊ में धूमधाम से मनाई गई ईद-उल-अजहा
बकरीद का त्योहार क्षेत्र में हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग नए कपड़े पहनकर ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद मुल्क और कौम में अमन-चैन कायम रहने की दुआ मांगी गई और लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
क्षेत्र के सैय्यदपुर सकरी, मियागंज, मखदूमापुर, कपूरापुर, सुल्तानपुर, तिखवा, दाईपुर, यासीनपुर, मड़हरपुर और जसौली समेत कई गांवों की मस्जिदों व ईदगाहों में हजारों लोगों ने नमाज अदा की। इसके बाद लोग कब्रिस्तानों में पहुंचे और अपने बुजुर्गों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी। घर लौटकर लोगों ने अल्लाह की राह में कुर्बानी दी.
बच्चों में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजे बच्चों ने परिवार और दोस्तों के साथ खुशियां साझा कीं। पूरे क्षेत्र में त्योहार भाईचारे और सौहार्द के माहौल में संपन्न हुआ.
ईद-उल-अजहा पर दिखा सौहार्द, ईदगाहों में जुटे नमाजी
क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। कुसुमखोर, इब्राहिमपुर, फूलपुर, सौंसरापुर, रसूलपुर, मिरगावां और शफीपुर जप्ती सहित गांवों की ईदगाहों व मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। सुबह से ही लोग नए कपड़ों में बच्चों के साथ ईदगाह पहुंचे। नमाज के दौरान मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। भीड़ बढ़ने पर जामा, नूरी, नूरानी और मदीना मस्जिद समेत अन्य स्थानों पर भी नमाज कराई गई। मौलानाओं ने आपसी प्रेम और इंसानियत का संदेश दिया। इसके बाद परंपरा के अनुसार कुर्बानी की रस्म निभाई गई।
त्योहार के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह रहा, प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा.
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