Hindi NewsUttar-pradesh NewsKannauj NewsDistrict Magistrate Ashutosh Mohan Aggnihotri Takes Strict Action on Revenue Case Delays in Kannauj
सालों से लंबित मामलों पर डीएम ने जताई नाराजगी

सालों से लंबित मामलों पर डीएम ने जताई नाराजगी

संक्षेप:

Kannauj News - कन्नौज के जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने राजस्व मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने 4987 लंबित मामलों की समीक्षा की, जिनमें से 34 मामले पांच साल से अधिक पुराने हैं। नायब तहसीलदार को चेतावनी दी गई है और समय सीमा में निस्तारण नहीं करने पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

Jan 29, 2026 11:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कन्नौज
share Share
Follow Us on

कन्नौज, संवाददाता। जिले में राजस्व मामलों के निस्तारण में हो रही देरी को लेकर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान जिला के समस्त राजस्व न्यायालयों में धारा-34 के अंतर्गत कुल 4987 मामले लंबित पाए गए। इनमें एक वर्ष से अधिक पुराने 888 मामले, तीन वर्ष से अधिक पुराने 234 मामले तथा पांच साल से अधिक अवधि से लंबित 34 मामले शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में पुराने मामलों के लंबित होने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। समीक्षा में यह भी सामने आया कि नायब तहसीलदार, जलालाबाद के न्यायालय में धारा-34 के अंतर्गत कुल 378 मामले लंबित हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इनमें एक वर्ष से अधिक पुराने 76, तीन वर्ष से अधिक पुराने 27 तथा पांच वर्ष से अधिक पुराने 7 मामले शामिल हैं। पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार, जलालाबाद को कड़ी चेतावनी जारी की है और उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने तहसीलदार और तहसीलदार न्यायिक, छिबरामऊ एवं तिर्वा तथा नायब तहसीलदार सदर , तालग्राम, तिर्वा एवं हसेरन से भी धारा-34 के मामलों का समय-सीमा में निस्तारण न किए जाने पर जवाब मांगा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामलों को वर्षों तक लंबित रखना शासन की मंशा के विपरीत है और इससे आम जनता को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि तहसील तिर्वा के न्यायालय में मामलों के समय पर निस्तारण न होने के कारण एक कर्मचारी को निलंबित करते हुए उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की गई है। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि राजस्व मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगे की समीक्षा में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध और भी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जागी।