
चार दिन की धूप के बाद फिर कोहरे ने थामी रफ्तार
Kannauj News - कन्नौज में पिछले चार दिनों की धूप के बाद, गुरुवार रात से घना कोहरा छा गया। दृश्यता 10 मीटर से कम रह गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। स्कूल जाने वाले बच्चों और खुले में काम करने वालों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में इसी स्थिति के बने रहने की संभावना जताई है।
कन्नौज, संवाददाता। पिछले चार दिनों से निकल रही हल्की धूप से लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली थी, लेकिन गुरुवार रात से मौसम ने एक बार फिर पलटी मार दी। देर रात से ही घना कोहरा छा गया और दिन चढ़ने के बाद भी धुंध कम नहीं हुई। हालांकि दोपहर में कुछ राहत मिली बावजूद इसके गलन भरी ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। आसमान पर कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे दृश्यता कई स्थानों पर 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई।कोहरे के कारण सड़कों पर यातायात रेंगता रहा। हाईवे और प्रमुख मार्गों पर वाहन चालकों को फॉग लाइट जलाकर चलना पड़ा।
कई जगहों पर ट्रेनों और बसों के संचालन में देरी हुई, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले और शाम होते ही सड़कों पर आवाजाही और कम हो गई। स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हुई। ठिठुरन भरी ठंड के बीच अभिभावक बच्चों को गर्म कपड़ों में लपेटकर स्कूल छोड़ते नजर आए। मजदूर वर्ग और खुले में काम करने वाले लोगों का कामकाज भी प्रभावित रहा। अस्पतालों में सर्दी–जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। वहीं न्यूनतम तापमान के लगातार 5–6 डिग्री के आसपास बने रहने से गलन का असर तेज हो गया है। नमी अधिक होने के कारण धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। पश्चिमी विक्षोभ का असर और पछुआ हवाओं में नमी कृषि मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. अमरेंद्र यादव ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर और पछुआ हवाओं में नमी बने रहने के कारण कोहरे की स्थिति बनी हुई है। उनके अनुसार अगले तीन–चार दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। सुबह और रात के समय घना कोहरा रहेगा, जबकि दिन में हल्की धूप निकलने के बाद भी गलन बनी रहेगी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसलों में जरूरत के अनुसार ही सिंचाई करें। पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई, धुआं करने और खेतों की निगरानी रखने की आवश्यकता है। पशुपालकों से कहा गया है कि वे मवेशियों को रात में खुले स्थान पर न बांधें और चारे में ऊर्जा बढ़ाने वाले आहार शामिल करें।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




