
प्रबंधक को निजी खाते से क्षतिपूर्ति के कोर्ट ने दिए आदेश
Kannauj News - ऋषिभूमि इंटर कालेज में प्रबंधक और शिक्षकों के विवाद में कोर्ट ने 10-10 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का आदेश दिया है। प्रबंधक ने सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ डबल बेंच में जाने का निर्णय लिया है। उच्च न्यायालय ने शिक्षकों की प्रताड़ना को गैरकानूनी मानते हुए प्रबंधक के वेतन भुगतान रोकने के आदेश को खारिज किया।
छिबरामऊ, संवाददाता। ऋषिभूमि इंटर कालेज सौरिख ने प्रबंधक और शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद ने कोर्ट ने सुनवाई करते हुए विषय विशेषज्ञों शिक्षकों के वेतन भुगतान पर लगी रोक पर निजी खाते से 10-10 हजार रूपये क्षतिपूर्ति के आदेश दिए हैं। हालांकि प्रबंधक ने अब सिंगल बेंच के इस आदेश के खिलाफ डबल बेंच में जाने का निर्णय लिया है। ऋषिभूमि इंटर कालेज के शिक्षकों ने बताया कि उच्च न्यायालय ने कालेज के प्रबंधक द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश, जिसमें प्रबंधक द्वारा की गई वार्षिक वेतन वृद्धि एवं भुगतान की रोक को अनुसूचित एवं गैरकानूनी ने बताया कि इसके विरुद्ध योजित रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए 18 दिसंबर को कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया।
साथ ही कोर्ट ने टिप्पणी की है कि प्रबंधक न तो जिला विद्यालय निरीक्षक और न ही न्यायालय के समक्ष ऐसा कोई दस्तावेज प्रस्तुत कर सकीं, जिससे की उनके द्वारा पारित वेतन भुगतान रोकने का आदेश विधिक प्रतीत होता हो। उच्च न्यायालय ने यह भी माना कि उक्त गैरकानूनी कृत्य के माध्यम से शिक्षकों की प्रताड़ना की गई है। उच्च न्यायालय ने कालेज के प्रबंधक द्वारा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक संबंधी आदेश को पूर्णता अविधिक मानते हुए प्रबंधक को अपने निजी बैंक खाते से 10-10 हजार रूपये उक्त विषय विशेषज्ञ शिक्षकों को क्षतिपूर्ति किए जाने के आदेश किए गए हैं। उधर, इस संबंध में कालेज की प्रबंधक शिखा अग्निहोत्री के पति विनीत अग्निहोत्री ने बताया कि कोर्ट में सिर्फ 2 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के लिए आदेश किए हैं, सिंगल कोर्ट का यह आदेश है, जनवरी माह में वह डबल बेंच में मामले को लेकर जाएंगे।

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