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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश कन्नौजट्रेनिंग के दौरान वायु सैनिक की मौत, गांव में मातम

ट्रेनिंग के दौरान वायु सैनिक की मौत, गांव में मातम

हिन्दुस्तान टीम,कन्नौजNewswrap
Thu, 08 Apr 2021 11:31 PM
ट्रेनिंग के दौरान वायु सैनिक की मौत, गांव में मातम-कनार्टक के बेलगांव में ट्रेनिंग के दौरान ब्रेन हेमरेज से हुई मौत -चार दिन बाद गांव पहुंचा वायु...
1/ 2ट्रेनिंग के दौरान वायु सैनिक की मौत, गांव में मातम-कनार्टक के बेलगांव में ट्रेनिंग के दौरान ब्रेन हेमरेज से हुई मौत -चार दिन बाद गांव पहुंचा वायु...
ट्रेनिंग के दौरान वायु सैनिक की मौत, गांव में मातम-कनार्टक के बेलगांव में ट्रेनिंग के दौरान ब्रेन हेमरेज से हुई मौत -चार दिन बाद गांव पहुंचा वायु...
2/ 2ट्रेनिंग के दौरान वायु सैनिक की मौत, गांव में मातम-कनार्टक के बेलगांव में ट्रेनिंग के दौरान ब्रेन हेमरेज से हुई मौत -चार दिन बाद गांव पहुंचा वायु...

छिबरामऊ। हिन्दुस्तान संवाद

कर्नाटक के बेलगांव में वायु सेना में तैनात जवान की ट्रेनिंग के दौरान ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के बखरिया गांव में गुरुवार की सुबह पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम मच गया। दोपहर बाद गांव में स्थित उनके खेत में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान अंतिम दर्शन को जनसैलाब उमड़ पड़ा। थाने से पहुंचे सिपाहियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मृतक सैनिक के शव पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा उढ़ाया गया।

ग्राम पंचायत भौराजपुर के बखरिया गांव निवासी पीएसी में सूबेदार बदन सिंह का बेटा सुमित कुमार (20) की वायु सेना में भर्ती हुई थी। उसकी 26 फरवरी से बेलगांव कर्नाटक में ट्रेनिंग शुरू हुई थी। परिजनों के मुताबिक चार अप्रैल को उसके पिता बदन को सूचना मिली की बेटा सुमित को ब्रेनहेमरेज हो गया है। इसकी जानकारी होते ही सुमित का बड़ा भाई अमित कुमार गांव से कर्नाटक गया। वह छह अप्रैल को उसकी यूनिट में पहुंचा, तो बताया गया कि सुमित कुमार की मृत्यु हो चुकी है और फिर पार्थिव शरीर उन्हें सौंप दिया गया। वह अपने भाई के शव को एयरएंबुलेंस से पहले गोवा और फिर वहां से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। दिल्ली से सड़क मार्ग से प्राइवेट एंबुलेंस से शव को गुरुवार की सुबह करीब सवा 10 बजे गांव पहुंचे। गांव में शव आने से पहले ही उनके अंतिम दर्शन को बड़ी संख्या में ग्रामीणों का सैलाब उमड़ पड़ा। सैनिक का शव गांव पहुंचते ही लोगों ने उन्हें अंतिम दर्शन कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। विशुनगढ़ थाने के एक दारोगा व सिपाहियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। भाई ने शव पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा उढ़ाया और फिर इसके बाद सैनिक के बड़े भाई अमित ने मुखाग्नि दी।

एक माह ही कर सके ट्रेनिंग

छिबरामऊ के बखरिया गांव निवासी सुमित कुमार की वायु सेना में डेढ़ माह पहले ही 26 फरवरी को ज्वाइनिंग हुई थी। कर्नाटक के बेलगांव में उनकी ट्रेनिंग चल रही थी। वह एक माह ही ट्रेनिंग कर पाए थे। ट्रेनिंग के दौरान ही अचानक उन्हें ब्रेनहेमरेज हो गया और फिर उनका चार अप्रैल को निधन हो गया।

राजकीय सम्मान न मिलने से लोगों में रोष

वायु सैनिक सुमित कुमार की ट्रेनिंग के दौरान मौत हो जाने के बाद उन्हें राजकीय सम्मान न मिलने से ग्रामीणों में रोष था। सोनू यादव ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान मौत हुई है। ऐसे में उन्हें पूरा राजकीय सम्मान मिलना चाहिए था। यहां तक कि शव के साथ यूनिट के अधिकारियों को भी गांव तक आना चाहिए था और उन्हें यहां अंतिम संस्कार से पहले यूनिट की ओर से राजकीय सम्मान मिलना चाहिए था।

दो भाइयों में छोटा था सुमित

बखरिया गांव निवासी बदन सिंह 15 बटालियन पीएसी आगरा में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। उनके दो बेटे अमित कुमार और सुमित कुमार हैं। इनमें छोटा बेटा सुमित कुमार इंटर पास करने के बाद वायुसेना में भर्ती हो गया था, जबकि बड़ा भाई अमित गांव में रह रहा है। सुमित के निधन के बाद मां निर्मला देवी का रो-रोकर बुरा हाल था।

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