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22 सितम्बर, 2020|4:42|IST

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‘फसल अवशेष जले तो आपकी भी जिम्मेदारी बनेगी प्रधान जी

‘फसल अवशेष जले तो आपकी भी जिम्मेदारी बनेगी प्रधान जी

फसल अवशेष या पराली जलाने को लेकर जिला प्रशासन संजीदा दिख रहा है। इसमें प्रधानों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। डीएम ने खुद जिले के सभी 504 प्रधान को चिट्ठी लिखी है। कहा है कि अगर गांव में कोई व्यक्ति पराली जलाता है तो इसकी सूचना लेखपाल को देनी होगी। छिपाने पर प्रधान पर भी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम राकेश मिश्र ने प्रधानों को पत्र लिखकर कहा है कि खरीफ फसल में धान व मक्का की कटाई से पहले यह तय कर लिया जाए कि ग्राम पंचायतों में कोई भी व्यक्ति फसल अवशेष या पराली न जलाए। इसके लिए राजस्व ग्रामों के ग्राम पंचायत सदस्यों की 20 सितम्बर से 25 तारीख तक बैठक की जाएगी। इसमें फसल अवशेष जलाने से होने पर नुकसान के बारे में बताया जाएगा। साथ ही कार्रवाई, कारावास व अर्थदंड की वसूली की भी जानकारी दी जाएगी। डीएम ने पत्र में लिखा है कि खुली बैठक में कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी या ग्राम विकास अधिकारी रहेंगे। इसके अलावा किसी दीवार पर पराली जलाने वाली नोटिस भी पेंट कराई जाएगी। इसमें कार्रवाई व अर्थदंड का पूरा ब्योरा लिखा जाएगा। डीएम ने कहा है कि किसी व्यक्ति की ओर से फसल अवशेष या पराली जलाने पर प्रधान सम्बंधित लेखपाल को सूचना देंगे। लेखपाल सबंधित व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएगा। अगर प्रधान मामले को छिपाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

यह है जुर्माना का प्रावधान

डीडी कृषि आरएन सिंह ने बताया कि दीवार में जो सूचना पेंट कराई जाएगी, उसमें दो एकड़ से कम क्षेत्र में पराली या फसल अवशेष जलाने पर 2500 रुपए, दो से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपए और पांच एकड़ से अधिक पर 15 हजार रुपए का अर्थदंड वसूला जाएगा।

यह है सर्वोच्च न्यायालय का आदेश

सर्वोच्च न्यायालय ने रिट पिटीसन संख्या 13029/1985 एनसी मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में दिनांक 30 जुलाई 2020 को पारित आदेश में टीसी पर्यावरण वन जलवायु परिवर्तन की ओर से छह अगस्त को फसल कटाई से पहले ग्राम पंचायतों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वह पराली न जलाने के लिए जागरूक करें। साथ ही अगर ऐसा कोई मामला आया तो प्रधान का भी उत्तर दायित्व होगा।

बोले जिलाधिकारी

गांव की सबसे मजबूत कड़ी प्रधान होते हैं, इसलिए खुद ही प्रधानों को पत्र लिखा है। प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी सख्त हो रहा है। गांव तक जागरूकता जरूरी है। जब लोग नहीं मानेंगे तो कार्रवाई होगी। आगे एसडीएम, बीडीओ व थानों में भी पत्र भेजे जाएंगे।

राकेश मिश्र, डीएम- कन्नौज

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  • Web Title: 39 If you burn crop residues you too will be responsible