यूपी का मौसम 06 जून: आंधी-बारिश के बावजूद तपे कई शहर, 22 जिलों को लेकर फिर अलर्ट जारी
जून में पड़ने वाली भीषण गर्मी इस बार नजर नहीं आ रही है। आए दिन आंधी-बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों के तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग ने अब शनिवार को लेकर 22 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

UP Weather 6 June 2026: लखनऊ समेत कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान आंधी-बारिश ने मौसम पूरी तरह से बदल दिया। बावजूद इसके आठ जिलों में हीट इंडेक्स 50 डिग्री तक दर्ज किया गया। शुक्रवार को गोरखपुर में 3.4 और आजमगढ़ में 8.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। साथ ही कानपुर और हमीरपुर में कुछ जगह हल्की बौछार या बूंदाबांदी दर्ज हुई। मौसम विभाग ने यूपी के 22 जिलों में शनिवार को भी आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रखने का यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के साथ हरियाणा और मध्य यूपी के ऊपर चक्रवाती हवा की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति के बीच एक लम्बी ट्रफ लाइन भी बन गई है। अमौसी मौसम मुख्यालय के अनुसार इसका असर शनिवार तक जारी रह सकता है। इसके बाद तपिश फिर बढ़ना शुरू होगी। लखनऊ में शुक्रवार तड़के धूलभरी आंधी के साथ हुई बारिश ने सुबह का मौसम सुहाना कर दिया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली। ऐसे में लखनऊ का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री नीचे गिरकर 38.8° डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री दर्ज किया गया।
हवा में अधिकतम आर्द्रता 72% तक पहुंचने के कारण दिन चढ़ने के बाद लोगों को चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ा। बहराइच, लखनऊ, अमेठी, प्रयागराज, वाराणसी, मऊ, गोरखपुर और महाराजगंज में हीट इंडेक्स 40 से 50 डिग्री के बीच रहा। यानी इतनी गर्मी इन जिलों में महसूस की गई। वहीं, बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे गर्म जिला बस्ती रहा जहां तापमान 42.0 डिग्री दर्ज किया गया। फतेहपुर में 41.6, लखीमपुर खीरी में 41.0, प्रयागराज व वाराणसी में 40.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है।
इन शहरों में गिरा तापमान
बदले मौसम की वजह से इटावा के अधिकतम तापमान में 5.9 डिग्री की गिरावट रही। यहां अधिकतम तापमान 36.0 दर्ज किया गया। इसके अलावा अलीगढ़ में 3.9, हमीरपुर में 3.8 और बांदा में 3.5 डिग्री तापमान की गिरावट रही।
मेघगर्जन-वज्रपात और झोंकेदार हवा (गति 40 से 50 किमी/घंटा) की संभावना
सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थ नगर, गोंडा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर एवं आस पास के क्षेत्र।
अलर्ट के बीच शाम को आंधी के साथ मौसम हुआ खुशनुमा
हाथरस में मौसम बिगड़ने के साथ ही आंधी-तूफान और बारिश होने को लेकर जारी किए जा रहे अलर्ट का सिलसिला जारी है। गुरुवार की शाम को भी अचानक मौसम खराब हो गया। शाम को आसमानम घने काले बारिश के बादल घिर आए और आंधी का सिलसिला शुरु हो गया। शाम को मौसम खुशनुमा होने के साथ ही लोगों को गर्मी से राहत मिली। देर रात तक बारिश होने के आसार बने रहे। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार को सुबह से ही मौसम साफ रहा। सूर्य देव ने दर्शन दिए। दिन चढ़ने के साथ धूप की तल्खी भी बढ़ती गई। सुबह दस बजे से ही आसमान से आग बरसना शुरु हो गई।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


