पहले टॉर्चर किया, फिर पैर में गोली मारी; ACJM को कैदी ने सुनाई अपने एनकाउंटर की कहानी
देवबंद स्टेट हाईवे स्थित उप कारागार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें जेल निरीक्षण के दौरान एक बंदी एसीजेएम के सामने कह रहा है कि उसे पहले करंट लगाया गया, थर्ड डिग्री दी गई और फिर जंगल में ले जाकर पैर में गोली मार दी गई।

यूपी में आए दिन पुलिस हाफ एनकाउंटर करती है। लेकिन कई बार वह इसे लेकर सवालों के घेरे में आ जाती है। नया मामला सहारनपुर से सामने आया है। जहां यूपी पुलिस का हाफ एनकाउंटर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, देवबंद स्टेट हाईवे स्थित उप कारागार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में जेल निरीक्षण के लिए पहुंचे एसीजेएम परविंद्र सिंह बंदियों से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक बंदी ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर कर फंसाने का आरोप लगाया। उसने कहा कि साहब, पहले करंट लगाया और थर्ड डिग्री दी, फिर जंगल ले जाकर पैर में गोली मार दी। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब डेढ़ से दो महीने पुराना है, जो अब वायरल हुआ है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता।
पैर पर कपड़ा लगाकर पुलिस ने मारी गोली
करीब डेढ़ मिनट के इस वीडियो में एसीजेएम हाफ एनकाउंटर में घायल बंदियों से पूछताछ कर रहे हैं कि उन्हें किस परिस्थिति में पकड़ा गया। एक बंदी ने आरोप लगाया कि वह बागपत से सहारनपुर आ रहा था, तभी उसे रास्ते से पकड़कर एक पुलिस चौकी ले जाया गया। वहां उसे करंट देने और थर्ड डिग्री दी और फिर उसे जंगल में ले जाकर जमीन पर लिटाया गया और उसके पैर पर कपड़ा रखकर कुछ दूरी से गोली मारी गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर तमंचे से फायरिंग दिखाकर यह दर्शाया गया कि गोली उसी ने चलाई थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बंदी ने एसीजेएम को यह भी बताया कि पकड़े जाने के समय उसके मोबाइल की लोकेशन सक्रिय थी। वीडियो में एसीजेएम दो-तीन घायल बंदियों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान किसी ने यह वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल है। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
सवालों के घेरे में हाफ एनकाउंटर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूजर वीडियो शेयर कर यूपी पुलिस पर निशाना साध रहे हैं। एक यूजर ने UP पुलिस का हाफ एनकाउन्टर कैदी की जुबानी नाम से कैप्शन देते हुए वीडियो शेयर किया। वहीं, एक अन्य यूजर ने यूपी पुलिस के साथ योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसा। उसने लिखा, 'पुलिस अधिकारी तारीफ, समय से पहले प्रमोशन और सोशल मीडिया पर वाहवाही के लिए बेवजह गोली चला रहे हैं। योगी आदित्यनाथ की छवि चमकाने, मैचो इमेज बनाने और जयजयकार के लिए कितने प्रकार के और क्या क्या जतन किए गए? पुलिस अधिकारियों के प्रमोशन, मलाईदार पोस्टिंग और वाहवाही के लिए कितनी निरीह आहों के हवन किए गए?’
प्रमोशन, शोहरत के लिए पैर में गोली मार रहे: हाईकोर्ट
इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में लगातार हो रहे एनकाउंटर को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी। कोर्ट ने कहा था कि पुलिस सिर्फ प्रमोशन और शोहरत के लिए मुठभेड़ का सहारा ले रही है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है क्योंकि दंड देने का अधिकार केवल अदालत के पास है। कोर्ट ने डीजीपी और गृह सचिव से जवाब तलब करते हुए कहा था क्या किसी पुलिस अधिकारी को आरोपियों के पैरों में गोली मारने का कोई लिखित या मौखिक आदेश दिया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस अक्सर मामूली मामलों में भी मुठभेड़ का दिखावा करते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर देती है, जबकि इन मुठभेड़ों में किसी अधिकारी को चोट नहीं लगी। इससे आग्नेयास्त्र के उपयोग और उसकी अनुपातिकता पर सवाल उठते हैं।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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