वाहन मालिकों को झटका; इन गाड़ियों को कबाड़ बनाएगी सरकार, रजिस्ट्रेशन और डीएल भी रद्द

लखनऊ, विशेष संवाददाता
Follow us on Google News
share

लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे और मौतों की संख्या बेचैन करने वाली है। हर वर्ष हादसे और उनमें जान गंवाने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। अब इस पर रोक लगाने के प्रयास तेज हो गए हैं। बार-बार दुर्घटना करने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर कंडम घोषित कर दिया जाएगा।

वाहन मालिकों को झटका; इन गाड़ियों को कबाड़ बनाएगी सरकार, रजिस्ट्रेशन और डीएल भी रद्द

UP Government Order: यूपी में वाहनों से हो रहे लगातार हादसों को रोकने के लिए यूपी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ये कदम वाहन मालिकों की बेचैनी बढ़ा सकती है। जिन वाहनों से सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं उन्हें जब्त करके उन्हें कंडम घोषित किया जाएगा। शासन की सख्ती के बाद परिवहन अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन चालक का लाइसेंस निलंबित, निरस्त करने के साथ रजिस्ट्रेशन भी रद्द किए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन रद्द होने का मतलब वाहन को स्क्रैप कराना ही होगा।

प्रदेश में सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2024 में 24118, 2025 में 27205 और जनवरी से मई 2026 तक 2782 मौतें हो चुकी हैं जबकि समान अवधि में वर्ष 2025 में 2773 मौतें हुई थी। बढ़ रहीं दुर्घटनाएं और मौतों को लेकर शासन चिंतित है। शासन ने निर्देश दिया है कि हर स्तर पर प्रयास किए जाएं। रोड सेफ्टी से जुड़े हर विभाग को काम करना होगा।

सीएम योगी ने मीटिंग में हादसों पर चिताई थी चिंता

पिछले दिनों सड़क सुरक्षा की बैठक में मुख्यमंत्री ने मौतों के आंकड़ों पर चिंता जताई और रोड सेफ्टी से जुड़े सभी विभागों को इसमें कमी लाने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा गया है कि ऐसा लगता है कि सड़क सुरक्षा के स्टेक होल्डर्स विभाग अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं। एक ही वाहन के बार-बार दुर्घटना का कारण बनने पर चालकों के लाइसेंस निलंबित, निरस्त करने के आदेश दिए गए थे लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बार-बार दुर्घटना करने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित, निरस्त किया जाए। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर उसे जब्त कर लिया जाए और नियमानुसार स्क्रैप करने की कार्रवाई की जाए।

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना पड़ेगा भारी

वैसे भी मोटर व्हीकल्स अधिनियम-1988 की धारा 53 व 54 के तहत परिवहन अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का लाइसेंस निलंबित किया जाए, सुधार न होने पर निरस्त कर दिया जाए। इसी अधिनियम की धारा-55 में यह प्रावधान है कि वाहन के रिकार्ड चेक किए जाएं यदि कई दुर्घटनाओं में शामिल रहा और जानमाल के नुकसान की वजह बन रहा है तो आरसी निरस्त कर कंडम घोषित कर दिया जाए। कबाड़ घोषित करते ही वाहन स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। इधर बीच परिवहन अधिकारियों ने धारा-19 का इस्तेमाल करते हुए बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित और निरस्त किए हैं लेकिन आरसी रद्द करने की कार्रवाई कम ही की गई।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsUP Newsऐसी गाड़ियों को कबाड़ घोषित करेगी यूपी सरकार, रजिस्ट्रेशन और डीएल भी कैंसिल होगा