
जो गुरु का अपमान करेगा नरक में गिरेगा, कांग्रेस ने दफ्तर के बाहर लगी होर्डिंग, सीएम योगी पर कटाक्ष
प्रयागराज माघ मेले में स्नान को जा रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोके जाने के बाद शुरु हुए विवाद पर अब जमकर सियासत शुरू हो गई है। सपा और कांग्रेस अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतर आई है।
प्रयागराज माघ मेले में स्नान को जा रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोके जाने के बाद शुरु हुए विवाद पर अब जमकर सियासत शुरू हो गई है। सपा और कांग्रेस अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतर आई है। दोनों ही दल सीएम योगी और उनकी सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने तो शंकराचार्य के समर्थन में लखनऊ स्थित दफ्तर के बाहर एक होर्डिंग भी लगाई है।
होर्डिंग में मौनी अमावस्या के दिन उनके बटुकों के साथ हुई मारपीट को भी दिखाया गया है। कांग्रेस दफ्तर के बाहर लगी इस होर्डिंग में अविमुक्तेश्वरानंद को समर्थन साफ दिख रहा है। ये होर्डिंग भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अयोध्या विधानसभा से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने लगवाई है। होर्डिंग में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए जा रहे शंकराचार्य और पुलिस प्रशासन के साथ हुए विवाद के बारे में बताया गया है।
होर्डिंग में क्या-क्या दिखाया
होर्डिंग में एक तरफ अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर है और दूसरी ओर छोटे से ब्राह्मणों की शिखा खींचे जाने की तस्वीर लगाई गई है। इसमें बटुक हाथ जोड़कर प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं। इस पोस्टर में श्रीरामचरित मानस की चौपाई 'जाको प्रभु दारुण दुख देही ताकी मति पहले हर लेही' का भी उल्लेख किया गया है। होर्डिंग में दिख रहीं इन पंक्तियों का अर्थ है कि जिस व्यक्ति को भगवान बहुत बड़ा, असहनीय दुख देना चाहते हैं उसकी समझ-बूझ पहले ही छीन लेते हैं ताकि वो गलत फैसला लेकर अपने दुख का कारण स्वयं ही बन जाएं। अविमुक्तेश्वरानंद के चित्र के साथ लिखा गया है, 'जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करता है वो भयानक नरक में गिरता है'।





