
ओवरस्पीड और स्टंटबाजों पर शिकंजा कसने सड़कों पर उतरी पुलिस
Jhansi News - झांसी में ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने और सड़क हादसों को रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। मॉडिफाई साइलेंसर, बिना हेलमेट और तेज रफ्तार में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पिछले 10 महीनों में 340 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई है।
झांसी की सड़कों पर गूंजने वाले मॉडिफाई साइलेंसर, तेज रफ्तार और स्टंटबाजों की मनमानी अब नहीं चलेगी। यातायात माह नवम्बर-2025 के मौके पर ट्रैफिक पुलिस ने शहर में विशेष अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सड़क हादसों पर रोक लगाना और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाना है। शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों को निर्देश दिया गया है कि मॉडिफाई साइलेंसर, बिना हेलमेट, ओवरस्पीड और स्टंट करने वाले चालकों पर तुरंत कार्रवाई करें। इस दौरान ट्रेफिक पुलिस ने गांधीगिरी दिखाते हुए लोगों को फूल भेंट कर यातायात नियमों की जानकारी देते हुए इनका पालन करने की अपील की।

शहर में शोरगुल और रेसिंग से लोगों की परेशानी बढ़ रही थी, इसे अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिर्फ एक दिन में ही ट्रैफिक पुलिस ने 120 बिना हेलमेट चालकों और 10 ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि यह सख्ती पूरे माह जारी रहेगी। पुलिस की नजर सिर्फ मॉडिफाई साइलेंसर पर नहीं, बल्कि उन युवाओं पर भी है जो रात के समय सड़कों को रेस ट्रैक बना देते हैं। ऐसे बाइकर्स जो स्टंट या रेसिंग करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, अब पुलिस की रडार पर हैं। बिना नंबर प्लेट, तेज रफ्तार और ग्रुप में बाइक चलाने वालों की सूची तैयार की जा रही है। पकड़े जाने पर उनके वाहन सीज कर दिए जाएंगे। सीसीटीवी से ऐसे चालकों की पहचान की जा रही है जो सड़क पर नियम तोड़कर दूसरों की जान खतरे में डालते हैं। झांसी में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले दस महीनों में 340 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी है। अधिकतर मामले तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुए हैं। अभियान के तहत शहर के कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सेफ ड्राइव–सेव लाइफ थीम पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। ट्रैफिक उपनिरीक्षक देवेंद्र कुमार शर्मा की टीम ने जागरूकता रथ के जरिए लोगों को हेलमेट पहनने, गति सीमा का पालन करने और सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों की मदद करने की अपील की। पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया के माध्यम से भी युवाओं को संदेश दिया जा रहा है कि मॉडिफाई साइलेंसर लगाना न केवल अवैध है बल्कि यह ध्वनि प्रदूषण और जन असुविधा का बड़ा कारण है।

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