पारा 11.8 डिग्री, जाड़े में जकड़ा रानी का शहर

पारा 11.8 डिग्री, जाड़े में जकड़ा रानी का शहर

संक्षेप:

Jhansi News - पारा 11.8 डिग्री, जाड़े में जकड़ा रानी का शहरअधिकतम 29.5, धूप से मिली रात, शाम गहरी होते ही सर्द हवाओं ने सतायादिन में साफ आकाश के बाद भी कमरों का टेम्प

Nov 13, 2025 10:35 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, झांसी
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मौसम लगातार सर्दीली होता जा रहा है। बुधवार की रात बेहद ठंडी रही। हल्की धुंध के साथ रानी का शहर झांसी जाड़े में जकड़ा रहा। वहीं गुरुवार को आकाश साफ रहा। दिन में खिली धूप ने बंदों के चेहरे खिला दिए। पर, पुरबिया सताती रही। शाम गहरी मौसम ने तेजी से झटका दिया। वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में ताप सरकने की संभावना है। गुरुवार को अधिकतम पारा 29.5 डिग्री दर्ज किया जो सामान्य से 0.8 सेंटीग्रेट कम रहा। न्यूनतम 11.8 डिग्री जो सामान्य से 3.6 डिग्री कम था। जिसने बुंदेलों का काया कंपा दी। वहीं दिन धूप के बाद भी कमरों को टेम्प्रेचर काफी लो रहा।

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लिहाजा, झांसीवालों ने रजाई, कंबलों का सहारा लिया। सुबह 6.31 बजे सूर्यादय हुआ। उस वक्त सर्दी के तेवर काफी सख्त रहे। हल्की धुंध और जाड़े की जकड़न के बीच दिनचर्या शुरू हुई। बच्चे स्वेटर, गर्म कपड़ों में स्कूल पहुंचे तो कामगार दफ्तर। सरकारी, अद्र्धसरकारी दफ्तरों में हल्की धूप की सिकाई के बाद काम शुरू हुआ। जैसे-जैसे दिन चढ़ा। सूरज भी रौ में आता। पर, पूरब दिशाओं से चल रही हवाएं लगातार मोर्चा संभावना रहीं। जिससे शहरी तन से गर्म कपड़े हटाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। दोपहर 2.30 बजे के करीब कमरों में भी ठंडक महसूस की गई। जिससे लोगों ने रजाई में दुबकर आराम किया। शाम 4.30 बजते ही मौसम तेजी से बिगड़ा। सर्द हवाएं तीर सी चुभने लगीं। 5.28 बजे सूर्यास्त होते ही सार्वजनिक स्थानों से रौनक नदारद होने लगी। कुछ फुटपाथी दुकानें सिमटने लगीं। हालांकि लोगों ने भी घरों में रहना मुनासिब समझा। रात 8 बजे करीब सर्द के तेवर सख्त हो गए। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने जलावनी ढूंढकर आग लगाकर उसका सहारा लिया। भरारी फार्म स्थित कृषि मौसम इकाई के वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों ताप में गिरावट की संभावना है। बस स्टैंड, स्टेशन पर हुआ बुरा हाल रात 8.30 बजे के करीब सर्दी का सरापा और बढ़ा। सबसे बुरा हाल खुले आकाश के नीचे बसर करने वालों का हुआ। खासतौर से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के करीब सड़कें किनारे लोगों ने आग की सहारा लिया। वहीं बस स्टैंड, स्टेशन पर टे्रनों का इंतजार कर रहे मुसाफिरों का काया कंपकंपा उठी। वह गर्म कपड़ों में लिपटे रहे।