
बदलती जीवनशैली और खान ने जीवन में घोल दी शुगर
संक्षेप: Jhansi News - झांसी संवाददाता।झांसी। छुट्टी के दिन परिवार के साथ डिनर हो या फिर बाहर होटलों और रेस्तरों में कुछ खाने की बात, आजकल लोग फास्ट फूड की तरफ लगातार बढ़ र
झांसी। छुट्टी के दिन परिवार के साथ डिनर हो या फिर बाहर होटलों और रेस्तरों में कुछ खाने की बात, आजकल लोग फास्ट फूड की तरफ लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन खाने की बिगड़ती इन आदतों ने कम उम्र में लगातार डायबीटीज के खतरे को बढ़ा दिया है। पिछले तीन वर्षों में मधुमेह के मामलों में अचानक और तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। इसके कुछ मुख्य कारण है जैसे जीवनशैली में बदलाव , शारीरिक निष्क्रियता से जुड़े हैं। आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि में भारी कमी आई है। डेस्क जॉब, बैठे रहने का समय बढ़ना, और व्यायाम की कमी इंसुलिन प्रतिरोधको बढ़ाती है, जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ रहा है।

इसके साथ अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, उच्च चीनी और वसा वाले फास्ट फूड का सेवन तेजी से बढ़ा है । इस तरह के आहार से मोटापा बढ़ता है, जो टाइप 2 मधुमेह का एक प्रमुख जोखिम का कारण है। लोगों के जीवन में तेजी से शहरीकरण के कारण जीवनशैली में बदलाव हुए हैं, जिनमें अक्सर तनाव का उच्च स्तर और अस्वस्थ खान-पान की आदतें शामिल हो रही हैं। दुनिया भर में और विशेष रूप से भारत में मोटापे की दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शरीर का अतिरिक्त वजन, विशेष रूप से पेट के चारों ओर जमा वसा, मधुमेह के खतरे को बढ़ाता है। कई बार अत्यधिक तनाव और अपर्याप्त नींद भी रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकती है और इंसुलिन की प्रभावशीलता को कम कर सकती है। कोविड महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन ने लोगों की शारीरिक गतिविधियों को और कम कर दिया। साथ ही, तनाव का स्तर बढ़ा और कई लोगों की खान-पान की आदतें बिगड़ गईं, जिससे पिछले तीन वर्षों में मामलों में तेजी से वृद्धि देखी गई।

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