पीठों-मठ-मंदिरों में भजनों पर थिरके भक्त
Jhansi News - श्री महाविद्या काली सिद्धपीठ में माता का श्रृंगार किया गया। भक्तों ने आरती की और कन्याओं को जिमाया। पंचकुइयां वाली माता के मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ रही। करौंदी वाली माता पर महिलाओं ने सुहाग सामग्री अर्पित की। दिन भर भजन गाए गए और प्रसाद चढ़ाया गया।

श्री महाविद्या काली सिद्धपीठ : सुबह माता का भव्य श्रृंगार किया। फिर महानवमीं की आरती हुई। भक्तों ने मां को प्रसाद चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। यहां दिन भर देवी स्वरूप कन्याओं को जिमाया गया। महिलाओं और पुरुषों ने भजन गाए। सिद्धपीठ लहर वाली माता : सुबह चार बजे से ही भक्तों की कतारें लग गई। घंटे, शंख ध्वनि, ढोल-ताशे के बीच पहली आरती हुई। महिलाओं ने सुहाग की सामग्री अर्पित की। पुरुषों ने प्रसाद चढ़ाया। आरती के बाद कन्याएं जिमाईं गईं। टोलियों में लोगों ने खूब भजन गाए गए। महिलाएं भी खूब थिरकीं।पंचकुइयां वाली माता : सुबह चार बजे से ही नवरात्र के अंतिम दिन भक्तों की कतारें लग गईं।
नारियल, फूल-फल अर्पित कर मां की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से दोपहर पर मंदिर में पैर रखने की जगह न मिली। दोपहर बाद जवारे लाने का सिलसिला शुरू हुआ। भजनों ने सभी को थिरकने पर मजबूर किया।करौंदी वाली माता : फूलों से मां श्रृंगार किया। महिलाओं सुगाह की सामग्री मां को अर्पित और सदा सुहागिन रहने की कामना की। दिन भर कुंवारी कन्याओं की पूजा हुई। हलवा, पूरी, खरी का भोज कराया गया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


