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दवा भरपूर फिर भी नहीं हो पा रही सही ढंग से आपूर्ति

दवा भरपूर फिर भी नहीं हो पा रही सही ढंग से आपूर्ति

संक्षेप:

Jhansi News - झांसी के मेडिकल कॉलेज में दवा वितरण केंद्र पर लंबी कतारें और दवाओं की कमी एक सामान्य समस्या बन गई है। यहां पर कुल 6 काउंटर हैं, लेकिन फिर भी मरीजों को आधी दवा मिलती है और कई बार उन्हें बाहर महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। हाल ही में नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, लेकिन परेशानी बनी हुई है।

Nov 11, 2025 10:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, झांसी
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झांसी। मेडिकल कॉलेज में दवा वितरण केंद्र में कतार लगना और लोगों को दवा न मिल पाना अब सामान्य और रोज की समस्या बन गई है। यहां पर दवा वितरण के लिए कुल काउंटर हैं । इससे दवाइयां लेने के लिए लंबी लाइन में लगने वाले तीमारदारों को राहत मिलने के उद्देश्य से बनाया गया पर ये भी मरीजों की डिमांड को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सुबह आठ बजे शुरू होती है। इसके चलते, रोगियों का सात बजे से पर्चा काउंटर पर पहुंचना शुरू हो जाता है। रिकार्ड के अनुसार, ओपीडी में औसतन 2500 पीड़ित उपचार के लिए आते हैं।

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इनमें से करीब दो हजार रोगी मेडिकल कॉलेज से मिलने वाली नि:शुल्क दवाएं लेते हैं। चिकित्सक को दिखाने के बाद करीब 10 बजे से दवा काउंटरों पर लाइन लगनी शुरू होती है तो दोपहर तीन बजे तक लगी रहती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पांच दवा वितरण काउंटर और बनवाए थे भीड़ को देखते हुए एक काउंटर को और बढ़ाया गया है। अब यहां कुल छ: काउंटर हो चुके हैं। । सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के दवा वितरण केंद्र पर लगी लाइन सड़क तक आ जाती है। इस समस्या का निदान करने के दवा वितरण काउंटर बनाए गए हैं। लोगों को शिकायत है। कि कई बार उन्हें आधी ही दवा मिलती है। ज्यादातर मरीजों को यही शिकायत है। समय पर खुलने और तय समय से ज्यादा समय पर बंद होने के बाद भी कई मरीज दवा लेने के लिए दूसरे दिन आते हैं। इस समस्या से मरीज परेशान हैं। पहले यहां पर एक जन औषधी केंद्र भी था। जो अब बंद हो चुका है। कई बार मरीजों को पर्चे पर लिखी दवा लेने के लिए बाहर की दुकानों पर मंहगे दामों में दवा खरीदने मजबूर होना पड़ता है। हालाकि हाल ही में मेडिकल प्रशासन ने एक और व्यवस्था लागू की है। इसमें ओपीडी नहीं दवा पर्चे पर ही लोगों को दवा मिल रही है। इससे लोग परेशान है। उनका कहना है कि उनका बहुत सारा समय दवा पर्चा बनवाने में चला जाता है जिसके कारण कतार लंबी होती चली जाती है। दवा काउंटर के साथ यहां पर अधिक से अधिक ऐसे कर्मचारियों को तैनात करने के मांग समय समय पर उठती रही है। लोगों को ये भी शिकायत है कि यहां पर जो कर्मचारी तैनात है वे अधिक समय तक पर्चे को हांथ मे ही लिए रहते हैं। इसके अलावा कई बार वे दवा देते समय अभद्रता से बात भी करते है। इस मामले में मेडिकल प्रशासन ने कई कर्मचारियों को हाल में हटाया भी है। इसके अलावा पीछे वाले गेट से दवा देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहा पर हर रोज लंबी कतारें बता रहीं है कि व्यवस्था कितनी दुरुस्त है।