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कानपुर के मेधावी नहीं बन पा रहे 'यशस्वी'

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। पिछड़ा वर्ग के मेधावी बच्चे पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना से वंचित...

कानपुर के मेधावी नहीं बन पा रहे 'यशस्वी'
हिन्दुस्तान टीम,झांसीThu, 23 May 2024 02:10 PM
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कानपुर, प्रमुख संवाददाता। पिछड़ा वर्ग के मेधावी बच्चे पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना से वंचित हो रहे हैं। बीते साल दो बच्चों को योजना का लाभ मिला था। इस साल भी सिर्फ 11 बच्चों ने आवेदन किया है।

वर्ष 2020-21 में पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना केंद्र सरकार ने लॉन्च की थी। 2025-26 तक यह योजना लागू रहेगी। इसके लिए 9वीं से 12वीं तक के मेधावी पात्र हैं पर शर्त है कि इनके माता-पिता की सालाना आया 2.5 लाख हो। मेधावियों को 75000 से 125000 रुपये छात्रवृत्ति दिए जाने का प्रावधान है। योजना के लाभ के लिए छात्र आवेदन करता है तो उसे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा पास करनी पड़ती है। इसमें मेरिट के आधार पर चयन किया होता है। हैरानी की बात है कि इस योजना के लिए कानपुर से आवेदन करने वाले बच्चों की संख्या बेहद कम है। बड़ी वजह योजना का प्रचार प्रसार न होना भी है।

950 कॉलेज में 11 ही जुड़ सकेः इस योजना का लाभ जिले के सभी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्कूलों के बच्चों को मिलना है। जिले में 950 हाईस्कूल और इंटर स्कूल हैं। बीते तीन सालों में सभी स्कूलों का मास्टर डाटा इस योजना के पोर्टल पर लॉक होना चाहिए था पर नीतिगत खामियों के चलते महज 11 विद्यालय इससे जुड़ सके हैं। तभी इन्हीं 11 विद्यालय के 11 बच्चों ने शैक्षिक सत्र 2024-25 में आवेदन किया है।

दो साल बाद फिर देनी होती है परीक्षाः पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप योजना के लिए एनटीए की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले जो मेधावी चयनित होते हैं, उन्हें दो साल तक इसका लाभ मिलता है। इसके बाद दोबारा एनटीए की परीक्षा देनी होती है। दोबारा चयन पर ही छात्रवृत्ति मिलेगी। छात्र यदि किसी और छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किए है तो वह इस योजना का पात्र नहीं होगा।

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