
तीन साल में 2469 वाहन उड़ा ले गए चोर
संक्षेप: Jhansi News - मुकेश मिश्राझांसी। भले ही पुलिस खुद को बहुत सक्रिय और सजग रहने का दावा करती रही हो पर हर बार वाहन चोर पुलिस पर भारी पड़े हैं। एक खास और चौकाने वाली बात ये भी है कि झांसी में सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश के...
मुकेश मिश्रा झांसी। भले ही पुलिस खुद को बहुत सक्रिय और सजग रहने का दावा करती रही हो पर हर बार वाहन चोर पुलिस पर भारी पड़े हैं। एक खास और चौकाने वाली बात ये भी है कि झांसी में सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश के गिरोह हर बार सक्रिय रहते हैं। झांसी से मध्य प्रदेश तक पहुंचने के लिए करीब 26 एंट्री और एग्जिट प्वाईंट है। अधिकांश इन सीमाओं पर कोई भी चैकिंग नहीं होती है। लोग बे धड़क निकल जाते हैं। ऐसे में चोरी के वाहनों को खपाने के लिए झांसी को इन दूसरे प्रदेश की समीओं का बहुत बड़ा सुलभ सहारा मिल जाता है।

इस मामले में पुलिस खुद ये मानती है कि दूसरे प्रदेश में एंट्री होने के बाद वे अक्सर कार्रवाई के तमाम कागजी प्रकि्रया मे उलझ जाते हैं। इसका सीधा फायदा चोरों को मिलता है। पुलिस ने चोरियों को रोकने के लिए अब कैमरों के अलावा लोकल स्तर पर अपने खबरी तैनात किए हैं जिनसे कई बार मामलों के खुलासे करने में जल्दी मदद मिल जाती है। इनसेट ज्यादातार चोरी के मामलों में देखा गया है कि चोर अपने पारंपरिक तरीकों का ही उपयोग करते हैं। इनमें पेंचकश से हैंडल तोड़ना, लॉक खोलने के लिए मास्टर की का उपयोग करना और वाहनों को लादकर ले जाने जैसे तरीके शामिल है। हाल ही में एक नए तरीका आया है जो इलेक्ट्रिक वाहनों को चोरी करने के लिए किया जाता है। इसमें डिवाईस से लॉक का पासवर्ड हैक कर वाहन को चोरी करने का नया तरीका इजाद किया है। इनसेट झांसी जनपद में हाल ही में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं। इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों को एआई और डिजिटल हैकिंग सिस्टम से चुराने के प्रयास हुए हैं। हालांकि ये चोरी बड़ी कारों के पार्टस और अन्य चोरी की वारदातों के लिए उपयोग में सामने आए हैं। मार्च में आगरा और दिल्ली के गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को एआई तकनीक से कारों की चोरी और कार खोलकर पार्टस चोरी करने की बात कबूल की थी। इनसेट तीन सालों के लग्जरी और कर्मशियल वाहनों की चोरी के आंकड़े दुपहिया वाहनों की तुलना में दस प्रतिशत भी नहीं है। झांसी में तीन साल में 19 कारे चोरी हुईं जबकि सात ट्रेक्टर और 22 अन्य बड़े वाहन चोरी गए। इसके इतर लग्जरी वाहनों के पार्ट बड़ी संख्या में चोरी जाने के मामले जरुर सामने आए। चोरों ने घरों के बाहर खड़े वाहनों से बैटरी से लेकर इंजन और अन्य मंहगे पार्ट चुराए हैं। इनसेट वाहन चोरी के मामलों में एफाआईआर की संख्या पांच हजार के पास पहुंच गई है। कई वाहन पुलिस ने रिकवर किए जबकि कई वाहन पुलिस को सूने जगहों पर मिले। कई बार वाहन चोरी की नहीं वाहन से पार्टस चोरी के मामले भी पुलिस ने दर्ज किए हैं। पुलिस ने तीन साल में करीब 2469 चोरी गए वाहनों में से 16 सौ वाहन चोरों से बरामद किए हैं। तीन साल मे पुलिस ने 436 के करीब वाहन चोरों को जेले भेजा

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