यह पहली अदालत जहां दोनों पक्ष जीतते हैं

यह पहली अदालत जहां दोनों पक्ष जीतते हैं

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Jhansi News - फोटो नं 10झांसी संवाददाता। झांसी। झांसी में शनिवार को हुए वृहद लोक अदालत ने अपने पिछले रिकार्ड को तोड़ते हुए करीब ढाई लाख से अधिक मामलों का निपटारा कि

Dec 13, 2025 10:11 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, झांसी
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झांसी में शनिवार को हुए वृहद लोक अदालत ने अपने पिछले रिकार्ड को तोड़ते हुए करीब ढाई लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया। इस दौराना यहां सबसे ज्यादा मामले मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए चालानों के रहे। इसमें भी ओवर स्पीड और बिना हेलमेट वाहन चालन, सीट बेल्ट न लगाने के मामलों में समझौता कराया गया। लोगों को हिदायत भी दी कि यह आपकी सुरक्षा का मामला है। आप अपने परिवार के लिए बहुत कीमत रखते है। कम से कम अपना नहीं तो अपने परिवार का तो सोचो। जज बोले हेलमेट न लागाने से शान नहीं बढ़ती जानन जरुरु चली जाती है।

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तो हो सके तो सड़क पर चलते वक्त सड़क सुरक्षा के मानकों का ख्याल रखें और कानून को मानें जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में वादी और प्रतिवादी अपने मामलों के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए पहुंचे। अपर जिला जज शरद कुमार चौधरी ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए दोपहर 2:40 पर बताया कि लोक अदालत में कुल 2,90000 मामले सूचीबद्ध किए गए । उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी लंबित मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जाएगा। न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि उनका लक्ष्य 2,50,000 मामलों का निपटारा करना था। जो लगभग पूरा हुआ और ढाई लाख से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया। आयोजन में उत्साहजनक भागीदारी दिखी। उन्होंने कहा निर्धारित लक्ष्य को न केवल पूरा किया जाएगा, बल्कि उससे अधिक मामलों का समाधान कर लोगों को त्वरित न्याय दिलाया जाएगा। लोक अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति से मामलों को निपटाने पर ज़ोर दिया, जिससे न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम हो सके।। यहा पर दोनों पक्ष जीतते हैं कोई नहीं हारता अपर जिला जज शरद कुमार चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यहां लोक अदालत आयोजित की जा रही है। बोले कि हर तीन महीने में यह अदालत इसलिए लगाई जा रही है कि अदालतों में वाद लंबित न रहें। साथ ही लोगों को भी जल्दी न्याय मिले। सामान्य प्रक्रिया में एक पक्ष हारता है लेकिन लोक अदालत में दोनों पक्ष की जीत है। सबसे अच्छी बात ये है कि यहां निस्तारण होने के बाद मामला यहीं खत्म हो जाता है। इसके आगे कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती