
रानी के शहर को सुरक्षित रखने तीसरी नजर से हो रही निगरानी
Jhansi News - दिल्ली में धमाकों के बाद झांसी में सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट घोषित किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 476 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाई है। झांसी स्टेशन पर 104 कैमरे लगे हैं और हाईवे पर भी निगरानी के लिए हाईटेक कैमरे स्थापित किए गए हैं।
दिल्ली धमाकों के बाद से झांसी में शहर से लेकर ग्रामीण ईलाकों तक हाई अलर्ट है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एहतियात बरतने के लिए तीसरी आंख यानीं हर गली चौराहे से लेकर सभी बडे संस्थानों पर कैमरों में कैद हो रही हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। वीरांगना लक्ष्मी बाई स्टेशन झांसी में यात्रियों के भीड़ प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था पर मंडल रेलवे का खासा फोकस है। स्टेशन परिसर के अंदर और बाहर हर जगह कैमरों से निगरानी हो रही है। इसके लिए झांसी सहित मंडल के 13 प्रमुख स्टेशनों पर 476 सीसीटीवी कैमरों के जरिये 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
। इससे आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया इन कैमरों पर नजर रखने के लिए कंट्रोल कंमाड सेंटर पर चौबीस घंटे कर्मचारी हर हरकत पर नजर रख रहे है। उन्होंने बताया कि झांसी स्टेशन पर 104 कैमरे निगरानी कर रहे हैं। वहीं हाई वे पर भी कैमरों से वाहनों पर नजर रखी जा रही है। झांसी कानपुर, झांसी ब्वालियर झांसी- खजुराहो फोरलेन पर जिले की सीमा में 85 किलोमीटर लंबी सड़क की निगरानी रखने हाईटेक कैमरे लगाए जा चुके हैं। पूरे रास्ते में 15 कैमरे लगाए गए हैं। जिसमें 8 पैनटिलिट जूम कैमरा, 7 वीडियो इनसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम कैमरा लगाए गए हैं। इसके साथ ही 8 वेरिएवल मैसेजिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं। पूरे हाइवे पर निगरानी के लिए पचवारा टोल प्लाजा पर कंट्रोल रुम बनाया गया है। महानगर की बात करें तो पूरे शहर में स्मार्ट सिटी और पुलिस प्रशासन की ओर से करीब 39 सौ कैमरे लगाए गए हैं। करीब दो साल पहले लगे इन कैमरों को स्मार्ट सिटी योजना के तहत लगाया गया था। इनके मेंटनेंश के लिए पूरी टीम है। इन कैमरों में कैद होने वाली हरकतों पर नजर रखने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर नगर निगम परिसर की तीसरी मंजिल पर बनाया गया है। इसके इतर बस स्टेण्ड पर कैमरे सिर्फ बाहर की ओर लगे हैं। अंदर की बात की जाए तो यहां पर एक भी कैमरा मौजूद नहीं है। दूसरी तरफ शहर के बाजारों मे सरकारी कैमरों के अलावा निजी तौर पर लगाए गए कैमरों को भी फिलहाल सर्विलांश से जोड़ा गया है। झांसी में करीब 45 कैमरे खराब पड़े थे जो हाल ही में बदले गए हैं। इसके अलावा यातायात पुलिस ने भी प्रमुख चौराहों में अपनी तरफ से 74 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। ग्रामीण अंचलों में हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां पर अधिकांश समय बिजली और नेटवर्क की समस्या के कारण कैमरों की निगरानी कमजोर पड़ जाती है। ये कहना है जिम्मेदारों का सभी कैमरे चालू हैं। हमारा प्रयास है कि इन कैमरों का सही उपयोग हो। अलर्ट के दौरान नगर निगम द्वारा पुलिस के सहयोग के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। राहुल यादव अपर आयुक्त नगर निगम 0000 अलर्ट के दौरान संदिग्धों पर नजर रखने के लिए कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके लिए कमांड सेंटर के अलावा लोकल स्तर पर जो कैमरे हैं उनका भी एक्सेस लिया जा रहा है। लक्ष्मीकांत गौतम सीओ सिटी

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